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मरने से पहले BLO ने कहा- "SDM, BDO व लेखपाल के दबाव के कारण जहर खाया"

प्राथमिक विद्यालय जैतपुर माझा में तैनात सहायक अध्यापक और बीएलओ विपिन यादव ने संदिग्ध हालत में जहर खा लिया था. लखनऊ के KJMU में उपचार के दौरान बीएलओ विपिन यादव ने दम तोड़ दिया है.

Anuj
Edited By: Anuj
मरने से पहले BLO ने कहा-

गोंडा: जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र से एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां प्राथमिक विद्यालय जैतपुर माझा में तैनात सहायक अध्यापक और बीएलओ विपिन यादव ने संदिग्ध हालत में जहर खा लिया था. लखनऊ के KJMU में उपचार के दौरान बीएलओ विपिन यादव ने दम तोड़ दिया है. बीएलओ विपिन यादव को गंभीर हालत में सदर SDM अशोक कुमार खुद लखनऊ लेकर पहुंचे थे. 

गंभीर हालत में लखनऊ रेफर

इससे पहले जहर खाने की जानकारी मिलते ही जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि वर्मा मेडिकल और गोंडा सदर एसडीएम अशोक कुमार मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे. अधिकारियों ने विपिन यादव की स्थिति और पूरी घटना के संबंध में जानकारी ली थी. जिला निर्वाचन अधिकारी ने लखनऊ में उनके इलाज की व्यवस्था कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया था. 

एसडीएम, बीडीओ व लेखपाल पर आरोप

इसी बीच विपिन यादव का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्हें मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को लेकर तरबगंज एसडीएम, नवाबगंज बीडीओ और लेखपाल पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए देख जा सकता है. उन्होंने बताया कि यही तनाव उनके इस कदम की वजह बना. वीडियो में उनकी पत्नी सीमा यादव भी मौजूद हैं.

जिला निर्वाचन अधिकारी का बयान

वहीं, जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि विपिन यादव कुछ पारिवारिक परेशानियों से गुजर रहे थे, जिसकी वजह से उन्होंने ऐसा कदम उठाया. उन्होंने अधिकारियों पर दबाव बनाने के आरोपों को तथ्यहीन और गलत बताया. डीईओ ने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य सामान्य रूप से चल रहा है और किसी भी कर्मचारी पर दबाव नहीं बनाया जा रहा है.

'बाहरी लोगों ने उकसाया होगा'

उन्होंने यह भी बताया कि विपिन यादव और उनके परिवार को गलत बयान देने के लिए बाहरी लोगों ने उकसाया होगा. जिस बूथ पर उन्हें नियुक्त किया गया था, वहां करीब 700 मतदाता थे और उनमें से लगभग 350 फॉर्म उन्होंने पहले ही भर लिए थे.

उनका काम संतोषजनक था और उन पर किसी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं डाला गया था. घटना के बाद उन्हें बीएलओ ड्यूटी से हटा दिया गया है. अधिकारियों ने यह भी कहा कि पूरे मामले में उनकी पत्नी की भूमिका संदिग्ध लग रही है, इसलिए उसकी भी जांच की जाएगी. 
 

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