जबलपुर: बरगी डैम क्रूज हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है. रविवार 3 मई की सुबह राहत और बचाव टीमों ने एक बच्चे का शव बरामद किया. इसके कुछ समय बाद लापता व्यक्ति कामराज का शव भी निकाल लिया गया. इसके साथ ही इस हादसे में लापता सभी लोगों की तलाश पूरी हो गई है.
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार शाम जबलपुर में नर्मदा नदी पर स्थित बरगी जलाशय में हुआ था. उस समय क्रूज में कुल 41 लोग सवार थे. हादसे के बाद 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि कई लोग लापता हो गए थे.
राहत और बचाव अभियान लगातार चार दिनों तक चला. खराब मौसम के बावजूद National Disaster Response Force यानी NDRF और गोताखोरों की टीमों ने दिन-रात सर्च ऑपरेशन जारी रखा.
मृतकों के शव अलग-अलग दिनों में बरामद किए गए. हादसे के पहले दिन चार शव मिले थे. दूसरे दिन पांच शव बरामद किए गए. तीसरे दिन दो शव मिले. वहीं चौथे दिन रविवार सुबह एक बच्चे और कामराज का शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या 13 पहुंच गई.
मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने शनिवार को कहा कि यह हादसा तेज तूफान और ऊंची लहरों की वजह से हुआ. उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में बनी यह क्रूज नाव कैटामरैन डिजाइन पर आधारित थी और इसे इस तरह तैयार किया गया था कि इसके डूबने की संभावना बेहद कम थी.
राज्य पर्यटन विभाग की ओर से संचालित यह क्रूज गुरुवार शाम अचानक आए खराब मौसम की चपेट में आ गई थी. तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण इसका संतुलन बिगड़ गया और यह पलट गई.
इस हादसे में दिल्ली के एक परिवार को भी बड़ा नुकसान हुआ. Delhi Cantonment का एक परिवार जबलपुर में रिश्तेदार के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होने आया था. हादसे में परिवार के छह सदस्यों में से तीन लोगों की मौत हो गई.
प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खराब मौसम के दौरान क्रूज को संचालन की अनुमति क्यों दी गई और क्या सुरक्षा नियमों में कोई लापरवाही हुई थी.