नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी हमे अगर आराम देती है तो थोड़ी सी चूक तबाही की वजह भी बन सकती है. दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के कुछ ऐसा ही हुआ. चार मंजिला मकान में लगी आग ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. वजह एसी ब्लास्ट बताई जा रही है. अबतक 9 लोगों की जान जा चुकी है. इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि बिना देखभाल के एसी चलाना कितना जोखिम भरा हो सकता है. अगर समय रहते सावधानी बरती जाए तो ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है.
धूल भरे फिल्टर एयरफ्लो रोकते हैं, जिससे कम्प्रेसर ज्यादा मेहनत करता है और गर्म हो जाता है. हर पखवाड़े फिल्टर साफ करें. आउटडोर यूनिट पर सीधी धूप पड़ने से बचाएं और उसके आसपास खाली जगह रखें ताकि गर्म हवा आसानी से निकल सके.
गर्मियों में वोल्टेज में उतार-चढ़ाव आम है. बिना स्टेबलाइजर के एसी न चलाएं. पुरानी या कमजोर वायरिंग बदलवाएं और डेडिकेटेड सर्किट पर ही कनेक्ट करें. एक्सटेंशन बोर्ड या ओवरलोडेड सॉकेट इस्तेमाल न करें.
एसी को घंटों तक बिना रुके न चलाएं. हर 2-3 घंटे में 10-15 मिनट का ब्रेक दें. सोते समय टाइमर लगाकर इस्तेमाल करें. इससे कम्प्रेसर को आराम मिलता है और ब्लास्ट जैसी घटना का जोखिम घटता है.
घर में स्मोक डिटेक्टर और फायर एक्सटिंग्विशर रखें. गैस लीक की आशंका पर तुरंत सर्विस सेंटर को बुलाएं. बच्चों और बुजुर्गों को एसी के आसपास खेलने-घूमने से रोकें. इन छोटी-छोटी बातों से आप अपने घर को सुरक्षित बना सकते हैं.
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