छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. हैरानी की बात यह है कि शादी समारोह में शामिल हुए लोगों को रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पड़े. दरअसल, इसकी वजह यह है कि उन्होंने एक ऐसी गाय के दूध से बनी छाछ पी ली थी, जिसमें रेबीज के लक्षण दिख रहे थे. यह बात शादी खत्म होने के बाद ही सामने आई.
इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने उन मेहमानों को बुलाया जो शादी की रस्में पूरी होने के बाद अपने घर लौट चुके थे और उन्हें रेबीज़-रोधी यानी एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए. अब तक लगभग 200 से 250 लोगों को ये इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं.
आज शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित भैंसाडांड गांव में तब अफरा-तफरी मच गई, जब शादी की बारात के दौरान परोसे गए दूध और छाछ के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई. पता चला कि जिस गाय के दूध से छाछ बनाई गई थी, वह गंभीर रूप से बीमार थी; उसमें रेबीज़ के लक्षण पाए गए थे और उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.
अब हालात ऐसे हो गए हैं कि शादी की बारात में शामिल हुए मेहमानों को उनके घरों से एक-एक करके बुलाया जा रहा है, ताकि उन्हें रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा सकें.
जांच में पता चला कि कुछ दिन पहले ही उस गाय को एक कुत्ते ने काट लिया था. मंगलवार को अचानक गाय की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पूरे गांव में यह बात फैल गई कि पिछले दिन शादी समारोह में जो छाछ परोसी गई थी, वह उसी बीमार गाय के दूध से बनी थी. घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आ गया.
भैंसाडांड उप-स्वास्थ्य केंद्र में फौरन एक मेडिकल कैंप लगाया गया, जहां अब तक लगभग 200 से 250 लोगों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं.
स्वास्थ्य विभाग की एक टीम अभी भी मौके पर मौजूद है और शादी की बारात में शामिल हुए सभी लोगों की पहचान करने में जुटी है ताकि उनकी स्वास्थ्य जांच की जा सके और उन्हें निगरानी में रखा जा सके. स्थानीय लोगों ने बताया कि शादी समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. सभी लोगों को सूचित किया जा रहा है, उन्हें बुलाया जा रहा है और इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं.