नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेट्रोल- डीजल की बचत और 'वर्क फ्रॉम होम' को बढ़ावा देने की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी दफ्तरों में सप्ताह में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' लागू करने की घोषणा की है. साथ ही निजी कंपनियों से भी इस व्यवस्था को अपनाने की अपील की है.
दिल्ली सरकार ने मंडे को मेट्रो डे मनाने का फैसला लिया है. इस दिन दिल्ली सरकार के कर्मचारी, अधिकारी, विधायक, सांसद और मंत्री मेट्रो से सफर करने का प्रयास करेंगे. इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने अधिकारियों के पेट्रोल में भी 20 परसेंट कटौती का फैसला लिया है. सीएम रेखा गुप्ता ने मंत्रियों की गाडियों में कटौती और उनके सार्वजनिक परिवहन पर जोर देने की बात भी कही.
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया गया है. अब दिल्ली के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम साढ़े 7 बजे तक खुलेंगे. वहीं नगर निगम के दफ्तर सुबह साढ़े 8 से शाम साढ़े पांच बजे तक खुलेंगे. मुख्यमंत्री ने दिल्ली की जनता से सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' मनाने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार अगले छह माह तक कोई गाडी नहीं खरीदेगी.
दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य बड़ी पहल की है. दिल्ली सरकार के दफ्तर सप्ताह में दो दिन WFH मोड पर काम करेंगे और दिल्ली सरकार अगले छह माह तक कोई वाहन भी नहीं खरीदेगी. यह मिसाल पेश करने के साथ ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी कंपनियों से भी 'मेरा भारत मेरा योगदान' अभियान के अंतर्गत ऐसा करने की अपील की है.
Delhi CM Rekha Gupta का बड़ा फैसला, सरकारी काफिले में 60% Cut, अब Electric Vehicle से चलेंगी https://t.co/In5K5Q6neQ #prabhasakshinews
— Prabhasakshi (@prabhasakshi) May 14, 2026
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने जहां आमजन से सार्वजनिक परिवहन पर जोर देने की अपील करते हुए कहा कि आने जाने के लिए मेट्रो और सार्वजनिक बसों में सफर करें, वहीं दिल्ली सरकार के कर्मचरियों के लिए भी एक खास योजना का ऐलान किया है. दिल्ली सरकार एक से आठ ग्रेड वाले स्टाफ को अपनी जरूरत की 25 फीसदी यात्रा सार्वजनिक परिवहन से करने पर 10 परसेंट अतिरिक्त एलाउंस देगी.