अलीगढ़ से 7.70 लाख के जाली नोट बरामद, नकली नोटों को खपाकर देश को चूना लगा रहे थे आरोपीअलीगढ़ के गोरई थाना पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी करने वाले एक इंटरस्टेट गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 7.70 लाख रुपए के जाली नोट बरामद हुए हैं. ये लोग दिल्ली और कासगंज के रहने वाले हैं. गिरोह का सरगना नकली नोटों की तस्करी के मामले में पहले भी दो बार जेल जा चुका है. जेल से बाहर आकर वह फिर से यही काम करने लगा. ये लोग बंगाल के रास्ते बांग्लादेश से 70 प्रतिशत मुनाफे पर ये नोट लाते थे और इनमें से अधिकतर नोटों को दिल्ली में खपाया जाता था.
अलीगढ़ पुलिस का बड़ा धमाका: दिल्ली से दबोचा नकली नोटों का सौदागर; 7.70 लाख की जाली करेंसी बरामद, 4 गिरफ्तार#FakeCurrency #AligarhPolice #CrimeExposed #DelhiPolice #BreakingNews pic.twitter.com/IiFAGwWw5Q
— Hindustan Tehelka News (@htehelkanews) May 14, 2026Also Read
एसपी देहात मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि थाना गोरई पुलिस व क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग (देहात) की संयुक्त टीमों ने नकली नोटों की तस्करी वाले गैंग के सरगना भुजपुरा निवासी जिकरुल हसन को गिरफ्तार किया है.
जिकरुल मूल रूप से कासगंज के थाना गंजडुंडवारा क्षेत्र के गणेशपुर का रहने वाला है. जिकरुल से पूछताछ के आधार पर तीन अन्य आरोपियों को दिल्ली के ख्याला क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. आरोपियों के नाम दिल्ली के रघुवीर नगर ख्याला निवासी वसीम, कासगंज थाना शाहबर क्षेत्र के गांव सेवनपुर निवासी आसिफ और नई दिल्ली के विश्नूपुरा ख्याला निवासी फरमान हैं. इनके पास से डेढ़ लाख रुपए बरामद हुए हैं. मुकदमा दर्ज करने के बाद चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया.
पुलिस अब नकली नोट उपलब्ध कराने वालों की तलाश में जुट गई है. जिकरुल हसन पर अलीगढ़ के अलावा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भी चार मुकदमे दर्ज हैं. इसी तरह वसीम और आसिफ पर भी दो-दो मुकदमे दर्ज हैं. अक्टूबर 2025 में जिकरुल देहलीगेट क्षेत्र में एक जनसेवा केंद्र पर नकली नोट चलाते हुए पकड़ा गया था.
यह गिरोह बंगाल के रास्ते नोट लेकर आता है. जानकारी के मुताबिक, इन्हें मात्र 3 लाख रुपए में 10 लाख तक के नकली नोट मिल जाते हैं. इससे पहले भी रोरावर थाना पुलिस ने जिकरुल समेत तीन लोगों को नकली नोट चलाने के आरोप में जेल भेजा था. वसीम और आसिफ भी पूर्व में जेल जा चुके हैं. अलीगढ़ पुलिस की सक्रियता के बाद आरोपियों ने यहां नोट खपाना बंद कर दिया और अब ये दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में नकली नोट चला रहे थे.
आरोपियों से जो जाली नोट बरामद हुए हैं वह बिल्कुल असली जैसे दिखते हैं. दुकानदार भी इन्हें आसानी से नहीं पहचान सकते. पुलिस के अनुसार, इन नोटों में एक ही सीरीज के कई नोट शामिल हैं. नोटों पर गवर्नर के हस्ताक्षर भी बिल्कुल असली नोट के समान हैं.