उत्तर प्रदेश के के बांदा जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर एक दर्दनाक हादसा हुआ. एक स्कॉर्पियो कार में परिवार कूल देवता की पूजा कर लौट रहा था. उसी समय कार बेकाबू हुई और सिलेंडर से लदे ट्रक में पीछे से जा घुसी. पल भर में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई. टक्कर में कारोबारी, उनकी मां, दादी और चाची की मौके पर ही जान चली गई.
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में 15 फीट लंबी स्कॉर्पियो कार पिचक कर महज छह फीट की रह गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि आधी कार ट्रक के नीचे घुस गई. दुर्घटना के वक्त कार के एयरबैग खुले जरूर लेकिन दबाव के कारण फट गए. दुर्घटना में आगे बैठे कारोबारी के सीने में इंजन के कई हिस्से टूटकर घुस गए थे.
यह परिवार महोबा के कबरई कस्बे में रहकर टायर का कारोबार करता था. कारोबारी अजीत अपनी चाची, मां, दादी और बहन रिया के साथ कुल देवता की पूजा करने आजमगढ़ गए थे. बुधवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे यह परिवार वापस महोबा के लिए निकला था.
अजीत के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और अब हादसे के बाद परिवार में उनकी पत्नी और दो मासूम बच्चे ही बचे हैं. घर वापसी का यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया.
हादसे के बाद शवों को निकालना मुश्किल हो गया था. पीछे की सीट पर बैठी दादी और चाची के शवों को दरवाजा खोलकर निकाला गया. अजीत और उनकी मां का शव डैशबोर्ड के बीच बुरी तरह से फंसा हुआ था. इन्हें निकालने के लिए दो क्रेन बुलानी पड़ी. एक क्रेन से ट्रक को उठाया गया और दूसरी से कार को पीछे खींचा गया.
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि यह भीषण हादसा चालक को नींद आने की वजह से हुआ. रात भर लगातार सफर करने के कारण अजीत ने लगभग साढ़े चार सौ किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी. गुरुवार सुबह जब उनकी कार बांदा के हथौड़ा गांव के पास पहुंची, तो अजीत को झपकी आ गई. इसी पलक झपकने की देरी में बेकाबू स्कॉर्पियो सीधे ट्रक से टकरा गई और पूरा परिवार खत्म हो गया.