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India Daily

घर का दरवाजा खोलते ही 5 गुना बढ़ गया AQI, शख्स ने वीडियो पोस्ट कर दिखाया खौफनाक नजारा

दिल्ली की हवाओं में किस कदर जहर घुला हुआ है, इसका अंदाजा एक शख्स के द्वारा X पर शेयर किए गए पोस्ट से पता चलता है. वीडियो में नजर आता है कि घर का दरवाजा खुलते ही AQI अचानक से 5 गुना बढ़ जाता है.

Kanhaiya Kumar Jha
घर का दरवाजा खोलते ही 5 गुना बढ़ गया AQI, शख्स ने वीडियो पोस्ट कर दिखाया खौफनाक नजारा
Courtesy: Gemini AI

नई दिल्ली: दिल्ली की हवालों में घुला जहर दिन-ब-दिन और अधिक जहरीला होता जा रहा है और लोगों का दम घुट रहा है. वायु गुणवत्ता के लगातार खतरनाक स्तर पर बने रहने के बीच सोशल मीडिया एक्स पर एक्स पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शहर के बिगड़ते प्रदूषण की भयावहता नजर आती है. 

दरअसल, कपिल धामा नाम के एक उद्यमी ने एक छोटी क्लिप शेयर की है, जिसमें उनके घर का वायु गुणवत्ता मॉनिटर 97 AQI दिखा रहा है, जबकि सभी दरवाजे बंद थे और चार एयर प्यूरीफायर लगातार चल रहे थे. लेकिन जैसे ही उन्होंने मुख्य दरवाजा खोला, रीडिंग बढ़कर 500 से ज्यादा हो गई. 

दरवाजा खोलते ही बदला AQI लेवल

उन्होंने लिखा कि 'घर में चार प्यूरीफायर 24x7 चल रहे हैं. सभी दरवाजे बंद होने पर पढ़ना - 100. अभी मुख्य द्वार खोला और छुआ - 500. एनसीआर में जीवन नरक बन गया है, और सरकार बिहार अभियान में व्यस्त है.'

1 नवंबर को साझा की गई उनकी पोस्ट ने 1.3 मिलियन व्यूज को पार कर लिया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार सुबह 386 ('बहुत खराब') रहा, जो एक दिन पहले 303 था. 8 किमी प्रति घंटे से कम की गति से बहने वाली कमजोर उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने प्रदूषकों को फैलने से रोक दिया है.

दिल्ली में वायु गुणवत्ता की हालत 'गंभीर'

कम से कम 17 निगरानी स्टेशनों ने 'गंभीर' वायु गुणवत्ता की सूचना दी, वजीरपुर में उच्चतम स्तर 439 दर्ज किया गया, जबकि 20 अन्य 'बहुत खराब' श्रेणी में आ गए. 301-400 को 'बहुत खराब' और 401-500 को 'गंभीर' माना जाता है और यह एक ऐसी श्रेणी है जिससे दिल्लीवासी जूझ रहे हैं.

सर्दी के दस्तक देते ही हवाओं में घुलता है जहर

बता दें कि हर बार सर्दी के आगमन के साथ ही दिल्ली की हवा जहरीली हो जाती है, जो गुनगुनी धुप और गुलाबी ठंड के असर को बेअसर कर देती है. राष्ट्रीय राजधानी प्रक्षेत्र में वायु प्रदुषण को कम करने को लेकर सरकार की तरफ से किए जा रहे तमाम प्रयास नाकाफी ही साबित होते हैं. लोगों को हर साल इस दमघोंटू माहौल में सांस लेना पड़ता है. राजनीतिक बयानबाज़ी भी लगातार चलती रहती है, लेकिन स्थिति में सुधार होता नजर नहीं आता.