menu-icon
India Daily

हरभजन सिंह के घर की दीवार पर लिखा 'गद्दार', पाला बदलने पर भड़के आप कार्यकर्ता

अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए आप कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के जालंधर स्थित घर की दीवार पर गद्दार लिख दिया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
हरभजन सिंह के घर की दीवार पर लिखा 'गद्दार', पाला बदलने पर भड़के आप कार्यकर्ता
Courtesy: ani

राघव चड्ढा समेत आप 7 सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से आप कार्यकर्ताओं में जबरदस्त गुस्सा है. अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए आप कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के जालंधर स्थित घर की दीवार पर गद्दार लिख दिया. मौके पर मौजूद पुलिस आक्रोशित आप कार्यकर्ताओं को वहां से हटाने के लिए जद्दोजहद करती दिखी.

राघव चड्ढा समेत सात सांसद हुए बीजेपी में शामिल 

बता दें कि शुक्रवार (24 अप्रैल) को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत 7 आप सांसद बीजेपी में शामिल हो गए थे. आप छोड़ने वाले सांसदों में राघव चड्ढा के अलावा संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं. पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि स्वाति मालीवाल को छोड़कर सभी पंजाब से ही सांसद थे.

 

 

पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी को हो सकता है बड़ा सुकसान

आप के दो तिहाई सांसदों का बीजेपी में शामिल होना अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में आप के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

सबसे बड़ा झटका रणनीतिकारों के जाने से लगा है राघव चड्ढा और संदीप पाठक को 2022 के पंजाब चुनाव में ऐतिहासिक जीत के वास्तुकार माना जाता था. इनके जाने से पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठन निर्माण की क्षमता को भारी नुकसान हो सकता है.

विधायकों में असंतोष:  संदीप पाठक का कई पंजाब विधायकों के साथ गहरा व्यक्तिगत संबंध था, जिन्हें उन्होंने ही चुनाव के लिए चुना और तैयार किया था . इनके जाने के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि विधायकों में से एक बड़ा समूह भी पार्टी छोड़ सकता है, जिससे सरकार की बहुमत की स्थिति पर भी संकट आ सकता है. 

आर्थिक संकट: पार्टी को वित्तपोषण करने वाले उद्योगपति सांसदों, जैसे अशोक मित्तल (एलपीयू) और राजिंदर गुप्ता (ट्राइडेंट ग्रुप) के जाने से चुनावी खर्च और पार्टी के राष्ट्रीय अभियानों के लिए धन जुटाने में कठिनाई हो सकती है.