पटना के गांधी मैदान में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार समारोह आयोजित किया गया. इस दौरान एक बार फिर से कैमरे में राजनीति की दुनिया का एक सबसे यादगार पल कैद हो गया. मंच पर पीएम मोदी के साथ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई अन्य प्रमुख नेता मौजूद थे. लेकिन प्रधानमंत्री की नजरें अपने पुराने मित्र को ढूंढती रही.
पीएम मोदी मंच पर खड़े थे, इस दौरान सभी नेता ग्रुप फोटो के लिए उनके पास आना चाहते थे, लेकिन प्रधानमंत्री नजर घुमा कर दूर खड़े अपने पुराने मित्र और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पास बुला लिया. इस नजारे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
🚨Selfish or Statesman? This One Moment of PM Modi Is Leaving Even Critics Speechless👀
The video is from the Oath Ceremony in Bihar.
Big leaders were standing on the stage, while Nitish Kumar was standing quietly at the side.
PM Modi noticed him from far away…
Called him… pic.twitter.com/0rUiwo9tk2— Abhinav Sharma 𝕏 (@mainabhinavhu) May 7, 2026Also Read
पीएम मोदी और नीतीश कुमार की इस केमिस्ट्री का वीडियो लोग खूब शेयर कर रहे हैं. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री से थोड़ी दूर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बगल में खड़े थे. लेकिन पीएम मोदी ने उन्हें इशारा देकर अपने पास बुलाया.
इतना ही नहीं जब नीतीश कुमार पास आएं तो दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया और फिर नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के कंधे पर हाथ रखकर उनका अभिवादन किया. इस एक छोटा से नजारे ने सभी का ध्यान अपनी ओर खिंचलिया. नीतीश कुमार को इस दौरान थोड़ा भावुक भी देखा गया. वहीं राजनीतिक विशेषज्ञों ने इसे एक औपचारिक शिष्टाचार से कहीं गुना ज्यादा बताया. वहीं कुछ लोगों ने इसे एनडीए की अंदर मजबूत विश्वास का प्रतीक बताया.
मोदी और नीतीश की यह केमिस्ट्री केवल बिहार की राजनीति से जुड़ी नहीं है. बल्कि दोनों नेताओं के संबंध का केंद्र की राजनीति में भी अहम योगदान है. समय-समय पर दोनों नेताओं के बीच मतभेद भी दिखा है लेकिन अंत में दोनों नेताओं ने एक मंच पर खड़ा रहने का फैसला लिया. हालांकि इस घटना पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई है. एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा कि पीएम मोदी के कंधे पर हाथ रखने की हिम्मत नीतीश कुमार में ही है. यूजर ने दोनों की दोस्ती की तारीफ की है. इस घटना ने साबित कर दिया कि राजनीति में भी दोस्ती संभव है.