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India Daily

खुल गया स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज? ईरान-अमेरिका के बीच हुई डील हुई डन! दोनों देश इस बात पर हुए सहमत

ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा समझौता हो गया है. दोनों देशों ने टेंशन कम करने और हॉर्मुज में फंसे जहाजों को निकालने के लिए समुद्री नाकेबंदी में राहत देने पर सहमति जताई है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
खुल गया स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज? ईरान-अमेरिका के बीच हुई डील हुई डन! दोनों देश इस बात पर हुए सहमत
Courtesy: grok

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही टेंशन के बीच अब एक राहत की खबर सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दोनों देशों ने होर्मुज को लेकर एक अहम डील फाइनल कर ली है. जानकारी के अनुसार इस समझौते के तहत अमेरिका अपनी नौसैनिक घेराबंदी में नरमी लाएगा और ईरान इसके बदले में हॉर्मुज को धीरे-धीरे दोबारा खोलने पर राजी हो गया है. हालिया टकराव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही थी और कई जहाज समुद्र में फंसे हुए थे. अब इस समझौते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.

समझौते से हॉर्मुज में कम होगी टेंशन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह डील गुरुवार को दोनों देशों के बीच बनी सहमति के बाद सामने आई है. गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के चलते ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था. इस वजह से दुनिया भर में तेल सप्लाई पर सीधा असर हो रहा है. सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है क आने वाले घंटों में फंसे हुए जहाजों को बाहर निकाला जाएगा. ऐसा माना जा रहा है कि इस कदम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिल सकती है.

ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम रोकने का किया ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है. यह अभियान अमेरिका ने उन जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए शुरू किया था जो होर्मुज बंद होने के कारण रास्ते में ही फंस गए थे. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि ईरान के साथ बातचीत में 'काफी प्रगति' हुई है और दोनों पक्ष आखिरी समझौते के करीब पहुंच गए हैं. इसी वजह से फिलहाल इस सैन्य अभियान को कुछ समय के लिए रोका जा रहा है.

अमेरिका ने रविवार को इस अभियान का ऐलान किया था और सोमवार से अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे लागू करना भी शुरू कर दिया था. इस दौरान अमेरिकी नौसेना जहाजों को सुरक्षा देते हुए आगे बढ़ रही थी. हालांकि इस कदम के बाद इलाके में तनाव कम होने की बजाय और बढ़ गया था.