पश्चिम बंगाल के माध्यमग्राम में हुए चर्चित चंद्रनाथ हत्याकांड में बारासात पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है. फिलहाल तीनों से माध्यमग्राम पुलिस स्टेशन में पूछताछ की जा रही है. इस बीच मामले की जांच के लिए आईजी सीआईडी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसमें इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) और बंगाल एसटीएफ के अधिकारी शामिल हैं. चंद्रनाथ, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक बताए जा रहे हैं. उनकी हत्या के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है.
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बताया कि हमला बेहद पेशवर तरीके से किया गया है. प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक- जैसे ही चंद्रनाथ की कार मेरी गाडी को पार कर आगे बढ़ी, अचानक बीच रास्ते में रुक गई. तभी बाइक सवार एक व्यक्ति आया और कार के बाईं ओर से गोलीबारी शुरू कर दी. हमलावर पूरी तरह से प्रशिक्षित लग रहा था और फायरिंग के तुरंत बाद फरार हो गया. पूरी घटना की पहले से योजना तैयार की गई लग रही थी, गोलियां बेहद करीब से चलाई गईं ताकि चूक की कोई गुंजाइश न रहे.
जांच के दौरान पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट वाली एक कार को जब्त किया है, जिसे वारदात में इस्तेमाल किए जाने का शक है. पुलिस को संदेह है कि गाडी की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई है और वह फर्जी हो सकती है. इस कार पर WB 74 AK 2270 नंबर प्लेट लगी पाई गई है. पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि घटना में इस्तेमाल चारपहिया वाहन को कब्जे में ले लिया गया है. मौके से जिंदा और खाली कारतूस भी बरामद किए गए हैं.
डीजीपी सिद्धनाथ ने कहा- हमने जांच शुरू कर दी है. अपराध में इस्तेमाल की गई कार जब्त की गई है. लेकिन जानकारी मिली है कि उस पर लगी नंबर प्लेट फर्जी है और उसमें छेड़छाड़ की गई थी. मौके से जिंदा कारतूस और खाली खोखे बरामद हुए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. सबूतों को तस्दीक किया जा रहा है, आगे की जांच जारी है.
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी इस हत्याकांड की राजनीतिक रंजिश, पेशेवर सुपारी किलिंग और आपराधिक नेटवर्क समेत कई एंगल पर जांच कर रही है. पुलिस आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही है, हमलावरों की तलाश में छापेमारी की जा रही है.