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बिहार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वॉल पेंटिंग पर पेशाब करते हुए पकड़ा गया शख्स, वीडियो वायरल

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई लोगों ने कहा कि यह घटना केवल गंदगी फैलाने का मामला नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
बिहार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वॉल पेंटिंग पर पेशाब करते हुए पकड़ा गया शख्स, वीडियो वायरल
Courtesy: bikersofbiharbob/ Instagram

बिहार से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ा दी है. इस वीडियो में एक व्यक्ति दीवार पर बनी महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर के सामने पेशाब करता दिखाई दे रहा है. इस घटना को लोगों ने देश के नायकों के अपमान के रूप में देखा है और नागरिक शिष्टाचार यानी सिविक सेंस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

बताया जा रहा है कि यह वीडियो सबसे पहले “Bikers of Bihar” नाम के इंस्टाग्राम पेज पर साझा किया गया था, जिसके बाद यह अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी फैल गया. वीडियो में दिखता है कि जब कुछ लोगों ने उस व्यक्ति से पूछा कि वह क्या कर रहा है, तो उसने कहा कि उसने दीवार पर बनी तस्वीर को देखा ही नहीं. इसके बाद वह बिना कोई पछतावा दिखाए वहां से चला गया. हालांकि इस वीडियो की सही तारीख और स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे बिहार का बताया जा रहा है.

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई लोगों ने कहा कि यह घटना केवल गंदगी फैलाने का मामला नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है. कुछ यूजर्स ने लिखा कि आजकल लोगों में सार्वजनिक जगहों और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान कम होता जा रहा है. कई लोगों ने यह भी कहा कि नागरिक शिष्टाचार को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है.

कुछ लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर महापुरुषों की मूर्तियों और चित्रों के रखरखाव पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि जब देखभाल ठीक से नहीं होती और लोग सम्मान नहीं करते, तो ऐसे चित्र और स्मारक अपमानित होते हैं.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के सबसे सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों में गिने जाते हैं. ऐसे में उनकी तस्वीर के साथ इस तरह का व्यवहार लोगों को बेहद आहत कर रहा है. कई नागरिकों ने मांग की है कि इस व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सार्वजनिक स्थान या राष्ट्रीय नायकों का अपमान करने की हिम्मत न करे. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि स्वच्छता और नागरिक शिष्टाचार केवल नियम नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति सम्मान का हिस्सा हैं.