नई दिल्ली: आईपीएल की दुनिया में हमेशा कुछ न कुछ सरप्राइज होता रहता है. इस बार का सबसे बड़ा झटका लगा जब राजस्थान रॉयल्स के मालिक मनोज बदाले ने रविंद्र जडेजा के बारे में एक हैरान करने वाला खुलासा किया.
जडेजा ने खुद राजस्थान से संपर्क किया और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को छोड़कर वापस 'घर' लौटने की इच्छा जताई. यह बात सुनकर फैंस हैरान हैं कि आखिर जडेजा धोनी की टीम को क्यों छोड़ना चाहते थे?
मनोज बदाले ने राजस्थान रॉयल्स के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में बताया कि जडेजा ने करीब चार हफ्ते पहले यानी अक्टूबर के मध्य में उनसे संपर्क किया. जडेजा बहुत उत्साहित थे और राजस्थान को अपना 'घर' बताया, जहां से उनकी आईपीएल यात्रा शुरू हुई थी.
यह डील 15 नवंबर को फाइनल हुई. बदाले ने बताया कि डील को पूरा करने में कई चुनौतियां आईं लेकिन जडेजा की इच्छा ने सब आसान कर दिया. उन्होंने कहा, "आखिरी बार मैंने जडेजा को 21 साल की उम्र में देखा था. अब बड़ा होकर वे कितने बदल गए हैं, यह जानना रोचक रहा."
जडेजा ने आईपीएल के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स के साथ धमाका किया था. युवा खिलाड़ी के रूप में वे टीम के हीरो बने और शेन वॉर्न जैसे दिग्गज कप्तान ने उन्हें 'रॉकस्टार' कहा.
राजस्थान ने पहला आईपीएल खिताब जीता और जडेजा का बड़ा योगदान था. दो सीजन में उन्होंने 27 मैच खेले, 430 रन बनाए और 6 विकेट लिए. औसत 28.67 रहा.
2011 में राजस्थान छोड़ने के बाद वे एक साल कोच्चि टस्कर्स केरला में खेले और फिर CSK के साथ जुड़ गए. चेन्नई में जडेजा ने तीन आईपीएल ट्रॉफी जीतीं और धोनी की कप्तानी में ऑलराउंडर के रूप में चमके.
हालांकि, अब लगता है कि जडेजा पुरानी यादों की तरफ खिंचे चले गए. बदाले का खुलासा बताता है कि जडेजा किसी भी कीमत पर CSK और धोनी को अलविदा कहना चाहते थे.
बदाले ने साफ किया कि यह सिर्फ जडेजा की ट्रेड नहीं थी. इसमें इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन भी शामिल हैं. दोनों मिलकर टीम के तीन-चार रोल भरेंगे. बदाले बोले, "यह जडेजा अकेले के लिए नहीं बल्कि जडेजा और करन के कॉम्बिनेशन के लिए था. हमें अगले सीजन के लिए ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कई काम कर सकें."