नई दिल्ली: कर्नाटक के प्रमुख ऑलराउंडर कृष्णप्पा गौतम ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान किया है. इस फैसले के साथ ही उनके 14 साल लंबे भारतीय घरेलू क्रिकेट करियर का अंत हो गया. गौतम को निचले क्रम में दमदार बल्लेबाजी और भरोसेमंद ऑफ-स्पिन के लिए जाना जाता है. उन्होंने रणजी ट्रॉफी, आईपीएल और इंडिया-ए स्तर पर कई यादगार प्रदर्शन किए हैं.
गौतम ने 2012 में रणजी में डेब्यू किया था. पहले ही मैच में उन्होंने बड़े विकेट हासिल किए, जिनमें सुरेश रैना और भुवनेश्वर कुमार का नाम शामिल है. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और महत्वपूर्ण समय पर विकेट निकालने की क्षमता ने उन्हें कर्नाटक की टीम का अहम हिस्सा बना दिया.
2016-17 में खेले गए रणजी क्रिकेट में उन्होंने केवल आठ मैचों में 27 विकेट लिए और खुद को एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया. अगले सीजन में मैसूरु में असम के खिलाफ उन्होंने अपना पहला फर्स्ट क्लास शतक बनाया.
अपने घरेलू करियर में गौतम ने 59 फर्स्ट क्लास और 68 लिस्ट-ए मैचों में 320 से अधिक विकेट लिए. निचले क्रम में उन्होंने कई अहम रन भी जोड़े. वह 2023 तक कर्नाटक की टीम का नियमित हिस्सा रहे. उन्हें कई बार इंडिया-ए टीम में भी चुना गया, जहां उन्होंने न्यूज़ीलैंड ए, वेस्ट इंडीज ए, ऑस्ट्रेलिया ए और इंग्लैंड लायंस के खिलाफ खेला. 2021 में भारतीय टीम के नेट गेंदबाज समूह का हिस्सा बनने के बाद उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया, जहां उन्होंने एक वनडे इंटरनेशनल मैच खेला और एक विकेट लिया.
आईपीएल में गौतम ने मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रतिनिधित्व किया. साल 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 9.25 करोड़ रुपये में खरीदा, जो उनकी आईपीएल नीलामी की सबसे बड़ी कीमत थी. नौ सीजनों में उन्होंने 35 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की और कई यादगार प्रदर्शन किए.
उनका सबसे यादगार प्रदर्शन टी-20 प्रदर्शन कर्नाटक प्रीमियर लीग में देखने को मिला. बेल्लारी टस्कर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 56 गेंदों में 134 रन बनाए, जिसमें 13 छक्के शामिल थे. उन्होंने सिर्फ 39 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और चार ओवर में सिर्फ 15 रन देकर आठ विकेट लिए. यह प्रदर्शन भारतीय टी-20 क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में शामिल है.