नई दिल्ली: टी20 विश्व कप के शुरु होने से पहले से ही भारत और पाकिस्तान मैच काफी चर्चा में रहा है. पाकिस्तान पहले तो भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार कर रहा था लेकिन अब पाक सरकार ने इसे लेकर अपनी सहमति दे दी है. इसी बीच अब आईसीसी के पूर्व सीएफओ फैसल हसनैन का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें वह कह रहे हैं कि भारत पाकिस्तान मैच केवल क्रिकेट का अन्य गेम नहीं बल्कि पैसे का खेल है.
टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने वाला ग्रुप स्टेज का मुकाबला निश्चित रूप से होगा. कोलंबो में खेले जाने वाले इस मैच को आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी के बीच हुई गुप्त वार्ता के बाद हरी झंडी मिल गई है. मैच के आर्थिक पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.
भारत-पाकिस्तान मैच के कंफर्म होने के बाद अब आईसीसी के पूर्व सीएफओ फैसल हसनैन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'IND vs PAK सिर्फ क्रिकेट का एक और मैच नहीं है, बल्कि यह ICC आयोजन की व्यावसायिक रीढ़ की हड्डी में से एक है.' भारत बनाम पाकिस्तान मैच आर्थिक रूप से आईसीसी की जान है. अगर किसी भी दशा में यह मैच नहीं होता तो आईसीसी को बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ता.
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मैच सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा बिज़नेस इवेंट भी होता है. इसे आर्थिक रूप से इतना खास बनाने में सबसे बड़ी भूमिका टीवी और डिजिटल प्रसारकों की होती है, खासतौर पर भारत में.
बता दें भारत में आईसीसी टूर्नामेंट्स के प्रसारण अधिकार जियोस्टार के पास हैं. जियोस्टार ने 2024 से 2027 तक के प्रसारण चक्र के लिए केवल भारतीय बाजार में इन मैचों को दिखाने के अधिकार खरीदने पर करीब '3.04 बिलियन डॉलर' (अरब डॉलर) खर्च किए हैं.
इसका मतलब साफ है कि भारत-पाकिस्तान मैच को करोड़ों लोग देखते हैं, जिससे विज्ञापन, सब्सक्रिप्शन और स्पॉन्सरशिप के जरिए भारी कमाई होती है।. यही वजह है कि यह मुकाबला क्रिकेट की दुनिया का सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाला मैच माना जाता है.
भारत और पाकिस्तान का मैच केवल खेल के नजरिए से ही नहीं बल्कि यह मैच आईसीसी के राजस्व के लिए भी काफी अहम है. एक रिपोर्ट के अनुसार अगर भारत और पाकिस्तान के बीच यह मैच नहीं होता तो ICC का 174 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,600 करोड़ रुपए का नुकसान हो जाता. हालांकि आईसीसी का यह नुकसान होने से बच गया है.