नई दिल्ली: शहरों की भागती जिंदगी और प्रदूषण से ऊब चुके लोग अब छुट्टियों में शांत और प्राकृतिक जगहों की तलाश में हैं.भारत के गांव आज भी अपनी असली सुंदरता और शांति के लिए जाने जाते हैं.इस बार अगर आप भी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां हरी-भरी वादियां, साफ हवा और सुकून मिले तो इन पांच गांवों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें.(
ये गांव न सिर्फ देखने में बेहद खूबसूरत हैं बल्कि यहां की संस्कृति, परंपराएं और प्राकृतिक संरक्षण के प्रयास भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं.चाहे पहाड़ हों, जंगल हों या खेत, इन जगहों पर जाकर आप सचमुच प्रकृति के करीब महसूस करेंगे.
मेघालय की पहाड़ियों में बसा मावलिनोंग गांव देश का सबसे स्वच्छ गांव माना जाता है.यहां का सामुदायिक अनुशासन इतना बेहतर है कि पूरे गांव में कचरा नजर नहीं आता.‘भगवान का अपना बगीचा’ कहे जाने वाले इस गांव में लिविंग रूट ब्रिज जैसी अनोखी प्राकृतिक इंजीनियरिंग देखने को मिलती है.
अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली धान के खेतों और चीड़ के घने जंगलों से घिरी हुई है.यहां अपातानी जनजाति की समृद्ध संस्कृति देखने को मिलती है.शांति और प्राकृतिक सुंदरता का अनुपम मेल इस जगह को मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयुक्त बनाता है।
हिमाचल के किन्नौर जिले में स्थित कल्प गांव से किन्नौर कैलाश पर्वत का खूबसूरत नजारा दिखता है.सेब के बागों और प्राचीन मंदिरों से घिरा यह गांव हिमालय की गोद में बसा है.यहां की ताजा हवा और शांत वातावरण किसी भी महंगे रिसॉर्ट से बेहतर सुकून देता है।
नगालैंड का खोनोमा गांव भारत का पहला ग्रीन विलेज है.यहां के निवासियों ने शिकार छोड़कर वनों की रक्षा का संकल्प लिया है.जैव विविधता के संरक्षण का यह उत्कृष्ट उदाहरण प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है.
मसूरी के पास बसा लैंडोर गांव आज भी पुरानी छावनी का आकर्षण समेटे हुए है.देवदार के पेड़ों की महक और शांत माहौल यहां की छुट्टियों को यादगार बना देता है.यह जगह उन लोगों के लिए आदर्श है जो शांति और पुरानी यादों के साथ समय बिताना चाहते हैं.