'आपका प्रभाव बहुत बड़ा है, पुतिन को रोक सकते हैं', भारत की ताकत पर बोले यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की
Volodymyr Zelenskyy: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भारत के प्रभाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि आपका प्रभाव बहुत बड़ा है. आप रूस को रोकने की क्षमता रखते हैं, पुतिन पर दवाब बना सकते हैं. उन्हें उनकी जगह पर खड़ा कर सकते हैं. जेलेंस्की ने यह बातें पीएम मोदी से मुलाकात के बाद कही हैं.
Volodymyr Zelenskyy: भारतीय प्रधानमंत्री आज रूस के खिलाफ जंग लड़ रहे यूक्रेन पहुंचे. वहां पहुंचकर उन्होंने राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच संघर्ष को लेकर भी लंबी बातचीत हुई. इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने समाचार एजेंसी एएनआई से भारत के प्रभाव के बारे में बात की है.
एएनआई से उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत अपनी भूमिका निभाएगा. मुझे लगता है कि भारत को यह समझ में आ गया है कि यह सिर्फ संघर्ष नहीं है. यह एक व्यक्ति और उसका नाम पुतिन है के बीच पूरे देश के खिलाफ असली युद्ध है जिसका नाम यूक्रेन है. आप एक बड़े देश हैं. आपका बहुत बड़ा प्रभाव है और आप पुतिन को रोक सकते हैं और उनकी अर्थव्यवस्था को रोक सकते हैं, और उन्हें उनकी जगह पर खड़ा कर सकते हैं.
और क्या बोले जेलेंस्की?
जेलेंस्की ने कीव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद यह टिप्पणी की है. मोदी ने कहा कि भारत यूक्रेन में शांति सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए हमेशा तैयार है. बैठक के बाद जेलेंस्की ने एक एक्स पोस्ट में भारत और यूक्रेन के बीच चिकित्सा क्षेत्र, कृषि सहयोग, मानवीय संबंध और संस्कृति से जुड़े चार समझौतों पर बात की. उन्होंने कहा कि भारत यूक्रेन की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है. यह महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया में हर किसी को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का समान रूप से सम्मान करना चाहिए.
पीएम मोदी की पहली यूक्रेन यात्रा
पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा तीन दशक पहले दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यूक्रेन यात्रा है. यह यात्रा यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के बीच मोदी की रूस यात्रा के एक महीने बाद हो रही है. मोदी ने जेलेंस्की से कहा कि कुछ समय पहले जब मैं समरकंद में राष्ट्रपति पुतिन से मिला था तो मैंने उनसे कहा था कि यह युद्ध का युग नहीं है. बीते माह भी जब मैं रूस गया था तो मैंने उन्हें स्पष्ट शब्दों में कहा था कि किसी भी समस्या का समाधान युद्ध के मैदान में कभी नहीं मिलता.