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वेनेजुएला का चीन कनेक्शन बना मादुरो की मुसीबत! अटैक से पहले क्या हुआ था?

अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़ा सैन्य हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने का दावा किया है. चीन के साथ मादुरो की गुप्त बैठक के बाद यह कार्रवाई हुई, जिससे वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई.

Kanhaiya Kumar Jha
वेनेजुएला का चीन कनेक्शन बना मादुरो की मुसीबत! अटैक से पहले क्या हुआ था?
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: वेनेजुएला एक बार फिर वैश्विक टकराव के केंद्र में आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि काराकास पर हवाई हमलों के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब मादुरो और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर वॉशिंगटन पहले से ही सतर्क था. अमेरिका के इस कदम को लैटिन अमेरिका की राजनीति में बड़ा मोड़ माना जा रहा है.

शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकास में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. कई इलाकों में आग लगने और धुएं के गुबार उठने की तस्वीरें सामने आईं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों ने दहशत फैला दी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में दावा किया कि यह एक सुनियोजित सैन्य कार्रवाई थी, जिसका मकसद मादुरो सरकार को खत्म करना था.

ट्रंप का बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिकी बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर भेज दिया है. ट्रंप के अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से अंजाम दिया गया. उन्होंने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा फैसला बताया और जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से जानकारी देने की बात कही.

चीन से मुलाकात बनी वजह!

हमलों से कुछ घंटे पहले मादुरो की चीनी दूत के साथ गुप्त बैठक की खबरें सामने आईं. बताया गया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष दूत चिउ शियाओछ ने मादुरो से करीब तीन घंटे तक बातचीत की. इसी मुलाकात को ट्रंप के गुस्से की बड़ी वजह माना जा रहा है. अमेरिका को आशंका थी कि मादुरो चीन के सहारे उसकी रणनीतिक पकड़ को चुनौती दे रहे हैं.

ऊर्जा और निवेश का समीकरण

चीन वेनेजुएला को अपना अहम ऊर्जा साझेदार मानता है. वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और चीन रोजाना करीब 6.5 लाख बैरल तेल खरीदता है. बीते वर्षों में चीन ने मादुरो सरकार में अरबों डॉलर का निवेश किया है. वॉशिंगटन को डर है कि इससे लैटिन अमेरिका में उसका प्रभाव कमजोर पड़ सकता है.

वैश्विक राजनीति में बढ़ा तनाव

मादुरो की गिरफ्तारी के दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है, जबकि कुछ इसे अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते टकराव के संकेत के रूप में देख रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला अब केवल एक देश नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का अहम मैदान बन चुका है.