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India Daily

ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया मसूद अजहर, भारत की बर्बादी के लिए बनाई जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड, जानें किसे सौंपी कमान?

Jaish-e-Mohammed: पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM), जिसे हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में भारी नुकसान झेलना पड़ा था, अब एक नई रणनीति के तहत अपनी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है.

Anubhaw Mani Tripathi
ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया मसूद अजहर, भारत की बर्बादी के लिए बनाई जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड, जानें किसे सौंपी कमान?
Courtesy: Credit: pinterest (File Photos)

Jaish-e-Mohammed: पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर से भरी नुकसान का सामना करना पड़ा था. वो अब एक नए तरीके से अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने पहली बार महिला विंग “जमात-उल-मोमिनात” की घोषणा की है, जिसके माध्यम से महिलाओं को आतंक की राह पर ले जाने की योजना बना रहा है.

महिलाओं की भागीदारी पर जैश की नई रणनीति

मसूद अजहर के नेतृत्व वाले इस आतंकी संगठन ने अब तक महिलाओं को किसी भी तरह के सशस्त्र या आतंकी मिशन में शामिल नहीं किया था. लेकिन बुधवार को संगठन ने अपनी नीति बदलते हुए बहावलपुर स्थित अपने केंद्र मरकज़ उस्मान-ओ-अली से नई महिला ब्रिगेड की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है.

सूत्रों के अनुसार, इस विंग की कमान संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर को सौंपी गई है. सादिया के पति यूसुफ अजहर की मौत भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मरकज़ सुभानअल्लाह पर हुए हमले में हुई थी.

संगठन अब अपने मारे गए कमांडरों की पत्नियों के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को भर्ती कर रहा है. बताया जा रहा है कि भर्ती अभियान बहावलपुर, कराची, मुझफ्फराबाद, कोटली, हरिपुर और मनसेहरा के केंद्रों पर चलाया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि जमात-उल-मोमिनात भविष्य में महिला आत्मघाती हमलावरों (Female Suicide Bombers) को भी तैनात कर सकती है. इस निर्णय को मसूद अजहर और उसके भाई तल्हा अल-सैफ ने संयुक्त रूप से मंजूरी दी है.

भारत में ऑनलाइन नेटवर्क फैलाने की योजना

खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह महिला विंग भारत में भी अपनी जड़ें फैलाने की कोशिश में है. इसके लिए संगठन जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत में ऑनलाइन नेटवर्क बना रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से शिक्षित और शहरी मुस्लिम महिलाओं को धार्मिक भावनाओं के नाम पर गुमराह किया जा रहा है. जैश के प्रचार सामग्री में मक्का और मदीना की तस्वीरें लगाई गई हैं और भावनात्मक अपील के जरिए महिलाओं को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर में जैश को भारी नुकसान

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के दक्षिणी पंजाब प्रांत के भीतर लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित बहावलपुर में जैश के मुख्यालय को निशाना बनाया था. इस हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और उसके चार करीबी सहयोगी मारे गए थे. गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद भारत में कई बड़े आतंकी हमलों, जैसे 2001 के संसद हमले और 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले, में शामिल रहा है.