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मादुरो की सत्ता का अंत, ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर के बाद अब क्या होगा फ्यूचर, मार्को रुबियो ने बताया मास्टर प्लान

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पूरे सैन्य अभियान के पीछे का कानूनी और कूटनीतिक रोडमैप दुनिया के सामने रख दिया है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
मादुरो की सत्ता का अंत, ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर के बाद अब क्या होगा फ्यूचर, मार्को रुबियो ने बताया मास्टर प्लान
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नई दिल्ली: वेनेजुएला में दशकों से चला आ रहा निकोलस मादुरो का दबदबा अब इतिहास बन चुका है. अमेरिकी सेना की विशेष यूनिट ने ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर के तहत राजधानी काराकास में भीषण हमले के बाद मादुरो को उनके राष्ट्रपति भवन से गिरफ्तार कर लिया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पूरे सैन्य अभियान के पीछे का कानूनी और कूटनीतिक रोडमैप दुनिया के सामने रख दिया है.

अमेरिका में चलेगा ड्रग लॉर्ड वाला मुकदमा

सीनेटर माइक ली के अनुसार, रुबियो ने पुष्टि की है कि मदुरो अब अमेरिकी हिरासत में हैं. उन पर कोई सैन्य ट्रिब्यूनल नहीं, बल्कि एक अपराधी के तौर पर अमेरिकी कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा. मादुरो पर लंबे समय से ड्रग तस्करी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं. अमेरिकी न्याय विभाग ने उन पर करोड़ों डॉलर का इनाम भी रखा था.

साथ ही मादुरो का भविष्य अब काराकास के महलों में नहीं, बल्कि अमेरिका की जेल की सलाखों के पीछे तय होगा. यह लैटिन अमेरिका के अन्य तानाशाहों के लिए एक सीधी चेतावनी है.

लोकतंत्र की बारी

विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अब वेनेजुएला में और अधिक सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं है. ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य मदुरो को जूरी के सामने पेश कर दुनिया को यह संदेश देना है कि अमेरिका अपने पड़ोस में किसी भी आपराधिक शासन को बर्दाश्त नहीं करेगा. "मादुरो को सत्ता से बेदखल करना और उन्हें न्याय के कटघरे में लाना ही मुख्य उद्देश्य था, जो पूरा हो चुका है. अब अमेरिका का फोकस वेनेजुएला में लोकतंत्र समर्थक सरकार की स्थापना पर होगा."

रूस-चीन-ईरान के लिए बड़ा झटका

मादुरो की गिरफ्तारी केवल एक राजनीतिक पतन नहीं, बल्कि एक बड़ा जियो-पॉलिटिकल बदलाव है. दक्षिण अमेरिका में मदुरो रूस, चीन और ईरान के सबसे बड़े सहयोगी थे. उनके जाने से वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों पर इन देशों की पकड़ कमजोर होना तय है.

मार्को रुबियो लंबे समय से मादुरो शासन के मुखर विरोधी रहे हैं. उन्‍होंने यह सुनिश्चित किया है कि मादुरो का अंत न्यायिक हो ताकि इसे दुनिया के सामने जायज ठहराया जा सके. निकोलस मादुरो का भविष्य अब अंधकारमय है. अमेरिका उन्हें एक मिसाल बनाना चाहता है.