डीएमके सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर के आउटरीच प्रतिनिधिमंडल को मास्को ले जा रहे विमान को गुरुवार को ड्रोन हमले के बाद मास्को हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद करने के कारण चक्कर लगाना पड़ा और इसकी लैंडिंग में कई घंटों की देरी हुई. सांसद के दल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
कथित तौर पर यूक्रेन द्वारा किए गए ड्रोन हमले के कारण डोमोडेडोवो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई घंटों तक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों का संचालन बंद रहा. नतीजतन, सांसद कनिमोझी के साथ उड़ान भरने वाले विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी गई और व्यवधान के दौरान उसे हवा में ही रहना पड़ा.
काफी देर की देरी के बाद आखिरकार विमान सुरक्षित उतरा. रूस में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उन्हें सुरक्षित होटल तक पहुंचाया. कनिमोझी रूस, स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया और लातविया के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं, जो इन देशों को पाकिस्तान के खिलाफ भारत द्वारा हाल ही में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देगा, जो 22 अप्रैल के पहलगाम हमलों के जवाब में शुरू किया गया था, साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर भारत का रुख भी प्रस्तुत करेगा.
प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों में समाजवादी पार्टी के राजीव राय, नेशनल कॉन्फ्रेंस के मियां अल्ताफ अहमद, भाजपा के बृजेश चौटा, राजद के प्रेम चंद गुप्ता, आप के अशोक कुमार मित्तल और पूर्व राजनयिक मंजीव एस पुरी और जावेद अशरफ शामिल हैं. ये सभी उसी फ्लाइट में सवार थे जिसकी उड़ान में देरी हुई.
प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रूसी ड्यूमा के सदस्यों और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करेगा तथा स्थानीय थिंक टैंक के शीर्ष विशेषज्ञों के साथ बातचीत करेगा. शनिवार को स्लोवेनिया रवाना होने से पहले वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे और स्थानीय मीडिया से बातचीत करेंगे.