West Bengal Assembly Election 2026

'नग्न होकर सिगरेट पीते हुए थ्रीसम का ऑफर दिया', जेपी मॉर्गन केस में पूर्व कर्मचारी का सनसनीखेज खुलासा

जेपी मॉर्गन 'सेक्स स्लेव' मामले में चिरायु राणा ने नए गवाहों के साथ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने वरिष्ठ कार्यकारी लोर्ना हजदिनी पर यौन उत्पीड़न और नस्लीय दुर्व्यवहार का मुकदमा फिर से दायर किया है. यह मामला अब बेहद संवेदनशील हो चुका है.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

जेपी मॉर्गन के पूर्व बैंकर चिरायु राणा द्वारा दायर किए गए मुकदमे में आए नए मोड़ ने बैंकिंग जगत को पूरी तरह हिला कर रख दिया है. मैनहट्टन सुप्रीम कोर्ट में दोबारा पेश किए गए इस संगीन मामले में अब दो गुप्त गवाहों के बयान भी शामिल किए गए हैं. राणा ने अपनी वरिष्ठ सहयोगी लोर्ना हजदिनी पर न केवल यौन शोषण बल्कि नशीली दवाएं देने और नस्लीय टिप्पणी करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं. हालांकि बैंक और आरोपी महिला दोनों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है.

एक गुमनाम गवाह ने दावा किया कि उसने हजदिनी को राणा के अपार्टमेंट में पूरी तरह निर्वस्त्र अवस्था में देखा था. गवाह के अनुसार हजदिनी ने उसे भी बिस्तर पर साथ आने का न्यौता दिया था. जब गवाह ने मना किया तो कथित तौर पर हजदिनी ने कहा कि राणा पर उसका मालिकाना हक है और उसे शामिल होना ही चाहिए. इसके बाद कमरे के अंदर से राणा के गिड़गिड़ाने और वहां से चले जाने की विनती करने की आवाजें सुनाई दीं. यह गवाही मामले को जटिल बनाती है.

नस्लीय दुर्व्यवहार और प्रताड़ना

दूसरे गवाह ने कोर्ट को बताया कि चिरायु राणा ने पहले ही ऑफिस की एक महिला द्वारा अपना जीवन नर्क बनाए जाने की बात साझा की थी. इस गवाह ने लोर्ना हजदिनी को सार्वजनिक रूप से राणा के करीब आते और उन्हें जबरन चूमकर असहज करते हुए भी देखा था. राणा का दावा है कि लंबे समय तक चले इस भीषण उत्पीड़न के कारण उन्हें पीटीएसडी (PTSD) जैसी मानसिक बीमारी हो गई है. उन्होंने कोर्ट में अपने काउंसलर का पत्र भी संलग्न किया है जो उनके इलाज की पुष्टि करता है.

बैंक और हजदिनी का रुख

जेपी मॉर्गन चेज ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनकी आंतरिक जांच में कोई सबूत नहीं मिला है. बैंक का कहना है कि जांच के दौरान कई कर्मचारियों ने सहयोग किया लेकिन चिरायु राणा खुद इसमें शामिल नहीं हुए और न ही कोई ठोस तथ्य पेश किए. हजदिनी के वकीलों ने भी स्पष्ट किया कि उनके और राणा के बीच कभी कोई निजी या यौन रिश्ता नहीं रहा. उन्होंने इन दावों को हजदिनी की छवि खराब करने के लिए गढ़ा गया एक कोरा झूठ बताया है.

विवादों में घिरे चिरायु राणा

इस मामले में तब नया विवाद जुड़ा जब न्यूयॉर्क पोस्ट की एक हालिया रिपोर्ट में राणा पर बैंक को गुमराह करने का आरोप लगा. रिपोर्ट के अनुसार राणा ने मुकदमा तैयार करने के लिए छुट्टी लेने हेतु अपने पिता की मृत्यु के बारे में बैंक को गलत जानकारी दी थी. इसके अलावा यह भी चर्चा है कि उन्होंने बलात्कार से जुड़े कानूनी सवालों के लिए एआई चैटबॉट की मदद ली थी. इन खुलासों ने अब राणा की अपनी विश्वसनीयता और उनके द्वारा लगाए गए दावों पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

कोर्ट के फैसले का इंतजार

फिलहाल यह मामला मैनहट्टन कोर्ट में विचाराधीन है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों पर मजबूती से अडिग हैं. बैंक ने अपने डिजिटल रिकॉर्ड, ईमेल और डिवाइस की जांच का हवाला देकर स्वयं को पूरी तरह बेगुनाह बताया है. वहीं राणा ने अपनी नाजुक मानसिक स्थिति और नए गवाहों के बयानों को अपनी ढाल बनाया है.