लाल सागर में एक फ्रांसीसी युद्धपोत ने हूती विद्रोहियों के एक ड्रोन पर तोप से हमला किया, जिससे ड्रोन में आग लग गई और वह जलते हुए समुद्र में जा गिरा. यह घटना क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ते तनाव के बीच हुई, जहां हूती ड्रोन नौवहन मार्गों के लिए खतरा बन रहे हैं.
ड्रोन से समुद्री यातायात को खतरा
पेरिस जॉइंट स्टाफ ने बताया कि नष्ट किया गया ड्रोन "समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहा था." फ्रांसीसी नौसेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लाल सागर में अपने युद्धपोत से इस ड्रोन को लक्षित किया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तोप के गोले से ड्रोन में विस्फोट हुआ, जिसके बाद वह आग की लपटों में घिरकर समुद्र में डूब गया. यह घटना फ्रांस की समुद्री सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण इस जलमार्ग की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
Moment French frigate UNLOADS cannon at Houthi drone in Red Sea
Drone erupts in fireball and tumbles into water
Paris Joint Staff say drone had been 'threatening maritime traffic' pic.twitter.com/jWtthgW3Wj— RT (@RT_com) April 19, 2025Also Read
हूती ड्रोन हमलों का बढ़ता खतरा
हाल के महीनों में, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में ड्रोन और मिसाइल हमलों को तेज कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों में चिंता बढ़ गई है. ये हमले वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि लाल सागर एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है. फ्रांसीसी नौसेना की यह कार्रवाई न केवल हूती हमलों के खिलाफ एक मजबूत जवाब है, बल्कि क्षेत्र में अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी संदेश देती है.
फ्रांस की प्रतिक्रिया
पेरिस जॉइंट स्टाफ ने अपने बयान में कहा, "ड्रोन समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहा था." इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त किया कि फ्रांस लाल सागर में नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. यह घटना क्षेत्र में तनाव कम करने और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है.