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डच राजकुमारियों को मारने की प्लानिंग फेल, 'ब्लडबाथ' की साजिश नाकाम! गिरफ्तार आरोपी के 'नाजी' लिंक से यूरोप में हड़कंप

डच राजकुमारी कैथरीना, अमालिया और एलेक्सिया को मारने की साजिश से नीदरलैंड में हड़कंप मच गया है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

@NahBabyNahNah
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: डच राजकुमारी कैथरीना, अमालिया और एलेक्सिया को निशाना बनाने वाली एक खौफ़नाक हत्या की साजिश ने एक बार फिर नीदरलैंड्स में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं. इम मामले में अधिकारियों ने एक संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी के बारे में माना जा रहा है कि वह नाजी विचारधारा से प्रभावित है. इससे यूरोप में चरमपंथी खतरों को लेकर डर और बढ़ गया है.

डच राजकुमारियों पर था निशाना

इस कथित साजिश में डच गद्दी की वारिस 22 वर्षीय राजकुमारी कैथरीना-अमालिया और उनकी 20 वर्षीय बहन राजकुमारी एलेक्सिया को निशाना बनाया जाना था. हालांकि जांचकर्ता अभी तक इस साजिश के पीछे के सही मकसद का पता नहीं लगा पाए हैं. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार संदिग्ध को हेग की अदालत में पेश किया जाएगा.

इससे पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

इस व्यक्ति को सबसे पहले फरवरी में हेग में हिरासत में लिया गया था. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से दो कुल्हाड़ियां मिलीं हैं, जिन पर 'एलेक्सिया', 'मोसाद' और नाजी-युग का नारा 'सीग हील' जैसे शब्द लिखे हुए थे. इसके अलावा पुलिस को एक हाथ से लिखा हुआ नोट भी मिला है, जिसमें कथित तौर पर दोनों राजकुमारियों के नाम के साथ 'खून-खराबा' (bloodbath) शब्द का जिक्र था. इससे उसके हिंसक इरादों का साफ पता चलता है.

राजकुमारी अमालिया को भी मिल चुकी है धमकी

राजकुमारी अमालिया को पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं. पहले भी आपराधिक गिरोहों पर उनके और नीदरलैंड्स के पूर्व प्रधानमंत्री मार्क रूटे के अपहरण की साजिश रचने का आरोप लगा था. सुरक्षा के गंभीर खतरों के चलते उन्हें 2022 में एम्स्टर्डम स्थित अपना छात्र-आवास छोड़कर हेग में शाही आवास में शिफ्ट होना पड़ा था.

राजकुमारी होने के बाद भी सामान्य जीवन

शाही दर्जा होने के बावजूद अमालिया ने एक सामान्य जीवन जीने की इच्छा जाहिर की है. 2024 में उन्होंने कथित तौर पर मैड्रिड में कुछ समय बिताया और वहां चुपचाप अपनी पढ़ाई जारी रखी थी. उन्होंने लगातार सुरक्षा घेरे में रहने के भावनात्मक असर के बारे में खुलकर बात भी की है. उनका कहना है कि उन्हें सड़कों पर आजादी से घूमने या दुकानों पर जाने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों की बहुत याद आती है.

उनकी मां महारानी मैक्सिमा ने भी इन लगातार मिल रही धमकियों के असर को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि इन धमकियों ने उनकी बेटी की आजादी और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने की क्षमता को काफी हद तक सीमित कर दिया है.