नई दिल्ली: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद पहुंचे. यह ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए नए राजनयिक प्रयासों का संकेत है, जिसमें पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ के तौर पर उभर रहा है.
एक शीर्ष ईरानी अधिकारी ने पुष्टि की कि इस बार अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं होगी. इसके बजाय पाकिस्तान एक अप्रत्यक्ष माध्यम से तेहरान की चिंताओं और पक्ष को वाशिंगटन तक पहुंचाएगा. अधिकारियों ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान अराघची के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से मिलने की उम्मीद है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री, इशाक डार ने अपने X हैंडल पर अराघची और उनके साथियों के आगमन की तस्वीरें पोस्ट कीं. इन तस्वीरों में उन्हें फील्ड मार्शल मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए देखा जा सकता है.
Pleased to receive and welcome my brother, Foreign Minister of Iran, H. E. Abbas Araghchi @Araghchi, to Islamabad, alongside Field Marshal Syed Asim Munir and Interior Minister Mohsin Naqvi.
Look forward to our meaningful engagements aimed at promoting regional peace and… pic.twitter.com/XHrqXijgqx— Ishaq Dar (@MIshaqDar50) April 24, 2026Also Read
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ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और 'सेंटर फॉर पब्लिक डिप्लोमेसी' के प्रमुख इस्माइल बाकाई ने X पर एक पोस्ट में कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल एक आधिकारिक यात्रा के लिए इस्लामाबाद पहुंचा है.
We arrive in Islamabad, Pakistan, for an official visit. FM Araghchi will be meeting with Pakistani high-level officials in concert with their ongoing mediation & good offices for ending American imposed war of aggression and the restitution of peace in our region.
— Esmaeil Baqaei (@IRIMFA_SPOX) April 24, 2026
No meeting… pic.twitter.com/1vP51xIoep
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे. ये बैठकें पाकिस्तान के चल रहे मध्यस्थता प्रयासों का हिस्सा हैं, जिनका मकसद उस स्थिति को खत्म करना है जिसे उन्होंने अमेरिका द्वारा थोपा गया आक्रामक युद्ध बताया और क्षेत्र में शांति बहाल करना है.
बाकाई ने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी बैठक की योजना नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि इसके बजाय, तेहरान के विचार और चिंताएं पाकिस्तान के माध्यम से वाशिंगटन तक पहुंचाई जाएंगी.
अनिश्चितता के बावजूद पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि बातचीत का दूसरा दौर आयोजित करने के प्रयास जारी हैं. इस्लामाबाद पर्दे के पीछे रहकर चुपचाप दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए काम कर रहा है. हाल के हफ्तों में एक मध्यस्थ के तौर पर उसकी भूमिका को काफी अहमियत मिली है.
अमेरिका भी राजनयिक संपर्क की तैयारी कर रहा है. विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के चर्चा के लिए इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि बातचीत सीधे तौर पर होगी, लेकिन इसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा.
उन्होंने आगे कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वैंस वॉशिंगटन से ही इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे और विदेश मंत्री मार्को रूबियो तथा राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ समन्वय बनाए रखेंगे.