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'कोई बातचीत तय नहीं...', ईरान ने US से सीधी वार्ता से किया इनकार, पाकिस्तान करेगा मध्यस्थता

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान पहुंचे हैं, जहां पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है. ईरान ने साफ किया है कि अमेरिका से कोई सीधी बातचीत नहीं होगी.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'कोई बातचीत तय नहीं...', ईरान ने US से सीधी वार्ता से किया इनकार, पाकिस्तान करेगा मध्यस्थता
Courtesy: @IRIMFA_SPOX X account

नई दिल्ली: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद पहुंचे. यह ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए नए राजनयिक प्रयासों का संकेत है, जिसमें पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ के तौर पर उभर रहा है.

एक शीर्ष ईरानी अधिकारी ने पुष्टि की कि इस बार अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं होगी. इसके बजाय पाकिस्तान एक अप्रत्यक्ष माध्यम से तेहरान की चिंताओं और पक्ष को वाशिंगटन तक पहुंचाएगा. अधिकारियों ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान अराघची के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से मिलने की उम्मीद है.

पाक विदेश मंत्री का पोस्ट

पाकिस्तान के विदेश मंत्री, इशाक डार ने अपने X हैंडल पर अराघची और उनके साथियों के आगमन की तस्वीरें पोस्ट कीं. इन तस्वीरों में उन्हें फील्ड मार्शल मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए देखा जा सकता है.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और 'सेंटर फॉर पब्लिक डिप्लोमेसी' के प्रमुख इस्माइल बाकाई ने X पर एक पोस्ट में कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल एक आधिकारिक यात्रा के लिए इस्लामाबाद पहुंचा है.

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे. ये बैठकें पाकिस्तान के चल रहे मध्यस्थता प्रयासों का हिस्सा हैं, जिनका मकसद उस स्थिति को खत्म करना है जिसे उन्होंने अमेरिका द्वारा थोपा गया आक्रामक युद्ध बताया और क्षेत्र में शांति बहाल करना है.

इस्माइल बाकाई ने आगे क्या कहा?

बाकाई ने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी बैठक की योजना नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि इसके बजाय, तेहरान के विचार और चिंताएं पाकिस्तान के माध्यम से वाशिंगटन तक पहुंचाई जाएंगी.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने क्या कहा?

अनिश्चितता के बावजूद पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि बातचीत का दूसरा दौर आयोजित करने के प्रयास जारी हैं. इस्लामाबाद पर्दे के पीछे रहकर चुपचाप दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए काम कर रहा है. हाल के हफ्तों में एक मध्यस्थ के तौर पर उसकी भूमिका को काफी अहमियत मिली है.

अमेरिका भी राजनयिक संपर्क की तैयारी कर रहा है. विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के चर्चा के लिए इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि बातचीत सीधे तौर पर होगी, लेकिन इसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा. 

उन्होंने आगे कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वैंस वॉशिंगटन से ही इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे और विदेश मंत्री मार्को रूबियो तथा राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ समन्वय बनाए रखेंगे.