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क्या तमिलनाडु में सरकार बना पाएंगे थलपति विजय? बॉडीगार्ड की पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर लगातार सस्पेंस बना हुआ है. विजय की पार्टी TVK बहुमत के बेहद करीब पहुंच चुकी है. इसी बीच विजय के बॉडीगार्ड के सोशल मीडिया पोस्ट ने लोगों के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है.

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Edited By: Babli Rautela
क्या तमिलनाडु में सरकार बना पाएंगे थलपति विजय? बॉडीगार्ड की पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस
Courtesy: X

तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर है.  विजय की पार्टी TVK राज्य में सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी हुई है. चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने के बाद TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. लेकिन बता दें की बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए इस पार्टी को अभी भी कुछ और समर्थन की जरूरत है. 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है. TVK ने अकेले 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया है. अब पार्टी छोटी पार्टियों और पुराने सहयोगियों के साथ मिलकर बहुमत हासिल करने की कोशिश में लगी हुई है.

विजय के बॉडीगार्ड की पोस्ट ने मचाई हलचल

राजनीतिक हलचल के बीच एक ऐसा पोस्ट सामने आया जिसने सोशल मीडिया पर नई चर्चाएं शुरू कर दीं. विजय के बॉडीगार्ड अरुण सुरेश ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर की है. उन्होंने लिखा कि कायनात कभी गलती नहीं करती. सब्र रखें बड़ी तस्वीर सामने आ रही है. यह पोस्ट कुछ ही समय में वायरल हो गया और हर तरफ कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं. लोगों का मानना है कि शायद पर्दे के पीछे कोई बड़ी राजनीतिक खिचड़ी पक रही है. इससे पहले भी अरुण सुरेश ने एक और पोस्ट में कहा था कि कठिन लड़ाइयों के बाद ही अच्छे नतीजे मिलते हैं और समर्थकों को आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए.

Vijay Bodyguard Story -India Daily
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समर्थन जुटाने में लगे विजय

इस बीच TVK लगातार अपने समर्थन का दायरा बढ़ाने में लगी हुई है. विजय ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चेन्नई के लोक भवन पहुंचकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थन पत्र जमा किए. यह कदम सरकार गठन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के फैसले को लेकर हो रही है. DMK गठबंधन से अलग होने के बाद कांग्रेस TVK को समर्थन देने वाली पहली बड़ी पार्टी बनी. हालांकि कांग्रेस ने साफ कर दिया कि उसका समर्थन कुछ राजनीतिक शर्तों के साथ होगा. पार्टी ने संकेत दिया कि TVK को सांप्रदायिक ताकतों से दूरी बनाकर रखनी होगी. इसे बीजेपी और NDA की ओर इशारा माना जा रहा है.