हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पंजाब में उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हुई हैं. पाठक उन सात राज्यसभा सांसदों में शामिल थे जो आम आदमी पार्टी को छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे. अन्य सांसदों में राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी, हरभजन सिंह और अशोक मित्तल शामिल हैं.
स्वाति मालिवाल को छोड़कर सभी सांसद पंजाब से हैं. इन सांसदों के पार्टी छोड़ने से राज्यसभा में आप के सांसदों की संख्या सिमटकर तीन रह गई हैं जो कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
पाठक पर एफआईआर की वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है लेकिन उन पर गैर जमानती धाराओं के तहत एफआईआर हुई है.
एफआईआर होने के बाद जैसे ही पंजाब पुलिस सांसद संदीप पाठक को दिल्ली स्थित उनके आवास पर गिरफ्तार करने पहुंची, वह पुलिस को चकमा देकर आवास के पिछले दरवाजे से अपनी कार में बैठकर निकल गए. माना जा रहा है कि संदीप पाठक पर जो एफआईआर दर्ज हुई हैं उनमें से एक मामला आप के छोड़ने के तुरंत बाद का है और एक मामला करीब 25 साल पुराना बताया जा रहा है.
पंजाब पुलिस को चकमा
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) May 2, 2026
‘आप’ छोड़ बीजेपी में शामिल हुए राज्य सभा सांसद संदीप पाठक को आज सुबह जब पंजाब पुलिस उनके दिल्ली निवास पर गिरफ़्तार करने पहुँची को वे पिछली गली से निकल गए। पंजाब में पाठक पर दो FIR दर्ज हैं। एक AAP छोड़ने के तुरंत बाद का है और क़रीब 25 साल पुराना। pic.twitter.com/DjwGI9zrGN
संदीप पाठक पर हुई एफआईआर को बीजेपी ने बदले की राजनीति करार दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाल ने आरोप लगाया कि आप के नेता पार्टी से असंतुष्ट होने वाले नेताओं को निशाना बना रहे हैं और अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए राज्य की मशीनरी का उपयोग कर रहे हैं.
पूनावाला ने आगे कहा कि अगर उन पर पहले से ही किसी तरह के मामले थे तो पहले एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई. अगर वह दागी थे तो उन्हें इतने लंबे समय तक पार्टी में क्यों रखा गया यही नहीं वह संगठन के महासचिव की भूमिका में थे. क्या पिछले कुछ दिनों में नई जानकारी हाथ लगी है या कथित भष्टाचार की घटना अभी-अभी घटी है?