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'केवल बंदूकों और गोलियों से नहीं जीती जाती जंग...', राजनाथ सिंह ने सफल ऑपरेशन सिंदूर में जीत की USP बताई

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट की जमकर तारीफ की है. उन्होंने इस सफल ऑपरेशन के पीछे लॉजिस्टक का बड़ा योगदान बताया है.

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Shanu Sharma

Rajnath Singh: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यानी रविवार को रेल मंत्रालय के तहत लॉजिस्टिक केंद्रित विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में एक वर्चुअल का संबोधन किया. इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लॉजिस्टिक की सफलता पर भी लोगों का ध्यान खींचा. 

राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया  गया ऑपरेशन सिंदूर न केवल गोलीबारी की वजह से बल्कि लॉजिस्टिक की वजह से भी सफल रहा. उन्होंने कहा कि जीत और हार देश की लॉजिस्टिक से तय होती है. इस बात को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया ने देखा है. 

ऑपरेशन सिंदू में लॉजिस्टिक का बड़ा योगदान 

ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी ढ़ाचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सही कई एजेंसियों के समन्वय ने सुनिश्चित किया कि आवश्यक सामग्री सही समय पर सही जगह पहुंचे. उन्होंने इसे आधुनिक युद्ध में निर्णायक कारक बताया. उन्होंने कहा कि युद्ध केवल बंदूकों और गोलियों से नहीं जीते जाते, बल्कि उनकी समयबद्ध डिलीवरी से जीते जाते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लॉजिस्टिक को केवल आपूर्ति श्रृंखला के एक कार्य के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में माना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह लॉजिस्टिक ही है जो युद्ध के मैदान को युद्धक्षेत्र बनाती है. रसद के बिना, यह एक भ्रम का क्षेत्र बन जाता है.

तीनों सेनाओं में लॉजिस्टिक का मतलब अलग

राजनाथ सिंह ने कहा कि सेना, नौसेना और वायु सेना में लॉजिस्टिक का मतलब अलग-अलग चीजें हैं. सेना के लिए, इसका मतलब है हथियार, ईंधन, राशन और दवाइयों को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचना. वहीं नौसेना के लिए जहाजों तक पहुंचने वाले स्पेयर पार्ट्स और उपकरणों को लॉजिस्टिक माना जाता है. वहीं वायु सेना के लिए, निर्बाध जमीनी समर्थन और ईंधन की आपूर्ति महत्वपूर्ण है. उन्होंने चेतावनी दी कि समय पर लॉजिस्टिक के बिना एडवांस तकनीक भी बेकार है. उन्होंने कहा कि सोचिए कि, अगर हमारे पास ए़डवांस मिसाइल सिस्टम होता और उन्हें लॉन्च करने के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक्स टाइम पर ना पहुंच पाता, तो क्या वह तकनीक किसी काम की रहेगी. सिंह ने इस दर्शन को सरकार के नागरिक बुनियादी ढांचे के दृष्टिकोण से जोड़ा और पीएम गति शक्ति पहल की प्रशंसा की.