प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के आरियालुर जिले में आदि थिरुवाथिरै उत्सव में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की विरासत को सम्मानित किया. गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में राजेंद्र चोल की जयंती समारोह के दौरान पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने आज मंदिर में 140 करोड़ भारतीयों की भलाई और देश की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की.
भगवान बृहदेश्वर के दर्शन और प्रार्थना
पीएम ने कहा, "मुझे भगवान बृहदेश्वर के चरणों में पूजा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. मैंने इस ऐतिहासिक मंदिर में 140 करोड़ भारतीयों की भलाई और भारत की प्रगति के लिए प्रार्थना की. मैं कामना करता हूं कि सभी को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त हो."
In Gangaikonda Cholapuram, a place associated with culture and spirituality, people came out in large numbers to shower their blessings. It was indeed special to be among them. pic.twitter.com/uX2mZB44mU
— Narendra Modi (@narendramodi) July 27, 2025
चोल साम्राज्य: भारत की पहचान और गौरव
पीएम मोदी ने चोल वंश के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, "राजराजा चोल और राजेंद्र चोल भारत की पहचान और गौरव के प्रतीक हैं. चोल साम्राज्य का इतिहास और विरासत हमारी महान राष्ट्र की ताकत और सच्ची क्षमता को दर्शाती है." उन्होंने चोल राजाओं की कूटनीति और व्यापारिक संबंधों को भी याद किया, जो श्रीलंका, मालदीव और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैले थे. उन्होंने एक संयोग का जिक्र करते हुए कहा, "चोल राजाओं ने श्रीलंका, मालदीव और दक्षिण-पूर्व एशिया तक अपने कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों का विस्तार किया था. यह भी संयोग है कि मैं कल ही मालदीव से लौटा और आज तमिलनाडु में इस आयोजन में हिस्सा ले रहा हूं."
इलैयाराजा की भक्ति और सावन का माहौल
पीएम ने संगीतकार इलैयाराजा की प्रशंसा करते हुए कहा, "जिस तरह इलैयाराजा ने हमें राजराजा चोल की इस पवित्र भूमि में, सावन के महीने में, शिव भक्ति में डुबो दिया, वह अविस्मरणीय है. मैं काशी का सांसद हूं, और जब मैं 'ॐ नमः शिवाय' सुनता हूं, तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं. यह एक अलौकिक और असाधारण माहौल है."
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता
आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को दोहराते हुए पीएम ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने देखा कि अगर कोई भारत पर हमला करता है, तो हम उसका जवाब कैसे दे सकते हैं." उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और ऑपरेशन सिंदूर ने एक कड़ा संदेश दिया है: "आतंकवादियों और आतंकवाद के लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं है." भारतीय रक्षा बलों द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर आतंकी नेटवर्क को निशाना बनाने और पाकिस्तान में आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने के लिए था.