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नोट कर लें PMO का नया पता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सेवा तीर्थ' का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ का उद्घाटन कर दिया. इसी के साथ आजादी के 78 साल बाद पहली बार पीएमओ कार्यालय का पता बदल चुका है.

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Edited By: Shanu Sharma
नोट कर लें PMO का नया पता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सेवा तीर्थ' का किया उद्घाटन
Courtesy: ANI

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी शुक्रवार को सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया है. इसी के साथ आजादी के 78 सालों बाद प्रधानमंत्री ऑफिस का पता बदल गया है. इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में पीएमओ को रिलोकेट किया गया है. इस तीर्थ भवन को खास और हाई टेक्नोलॉजी के साथ डिजाइन किया गया है. पीएम मोदी ने इसके साथ 100 रुपये का  सिक्का भी जारी किया है.

सेवा तीर्थ के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य भवन 1 और 2 का औपचारिक उद्घाटन किया. अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री के मॉडर्न, कुशल और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस इकोसिस्टम का हिस्सा बताया है. इससे पहले कैबिनेट मंत्री अलग-अलग बैठते थे, लेकिन अब एक छत के नीचे बैठेंगे. 

एक छत नीचे काम करना होगा आसान

सरकार की उम्मीद है कि इस एकीकरण से निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी, लागत कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी.सेवा तीर्थ में तीन प्रमुख कार्यकारी संस्थाएं होंगी. जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ-1), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (सेवा तीर्थ-2) और मंत्रिमंडल सचिवालय (सेवा तीर्थ-3) बनाया गया है. 

कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कॉर्पोरेट मामले, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक एवं जनजातीय मामलों सहित प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय होंगे. इस समेकन का उद्देश्य अंतर-मंत्रालयी समन्वय को सुधारना और जनता की पहुंच को सुगम बनाना है.

नए परिसर में एडवांस टेक्नॉलॉजी

नए परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं हैं. उन्नत डिजिटल अवसंरचना से ई-गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन को समर्थन मिलने की उम्मीद है. 4-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुसार निर्मित इन परिसरों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और ऊर्जा-कुशल भवन डिजाइन शामिल हैं. 

सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पहुंच में कोई बाधा न आए, इसके लिए सुविधाओं में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, एकीकृत निगरानी और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली लगाई गई हैं.

मौजूदा पीएमओ का क्या होगा?

नए पीएमओ बनने के बाद पुराने को खाली किया जाएगा. इसके बाद दक्षिण और उत्तर ब्लॉक, जहां प्रधानमंत्री कार्यालय चल रहा है, उसे 'युग युगीन भारत संग्रहालय' नामक एक सार्वजनिक संग्रहालय में परिवर्तित कर दिया जाएगा. प्रस्तावित संग्रहालय के विकास के लिए तकनीकी सहयोग हेतु फ्रांस की संग्रहालय विकास एजेंसी के साथ 19 दिसंबर, 2024 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं.