Pahalgam Terror Attack: 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले जिन 26 लोगों की मौत हुई थी उनमें भारतीय नेवी के ऑफिसर विनय नरवाल भी थे. वह भी आतंकियों के कायराना हमले में शहीद हुए थे. उनके 27वें जन्मदिन पर उनकी पत्नी हिमांशी नरवाल ने लोगों से शांति और एकता की अपील की है.
गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए पीएचडी स्कॉलर हिमांशी नरवाल ने कहा, "मैं देशवासियों से अपील करना चाहती हूं कि उन्होंने जो भी देश के लिए किया है, उसेक लिए प्रार्थना करें. वह जहां भी रहें स्वस्थ और सुखी रहें."
'मुस्लिमों को...'
हिमांशी नरवाल ने यह भी कहा कि किसी भी समुदाय पर सीधा हमला न करें. उन्होंने कहा, " हम नहीं चाहते कि लोग मुस्लिमों के खिलाफ जाएं. कश्मीरियों के खिलाफ जाएं. हम सिर्फ शांत चाहते हैं. जाहिर है हम न्याय भी चाहते हैं."
विनय नरवाल के 27वें जन्मदिन के अवसर पर हरियाणा के करनाल में ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया था. जब भारतीय नौसेना के अधिकारी शहीद विनय नरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे तो उनकी पत्नी और मां के आंखों से आंसू निकल पड़े थे.
विनय नरवाल के 27वें जन्मदिन के अवसर पर जो ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन करनाल स्थिति NGO National Integrated Forum of Artists and Activists द्वारा किया गया था. इस आयोजन में बोलने वाले स्पीकर्स ने कहा कि अपने सर्विस में रहते हुए विनय कुमार ने देश की सेवा कि वह हमेशा के लिए हमारे दिल में रहेंगे.
एक स्पीकर ने इस आयोजन में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में आतंकियों ने मासूमों का खून बहाया लेकिन हम इस ब्लड डोनेशन कैंप के जरिए कई जिंदगियों को बचा रहे हैं.
शादी के बाद हनीमून मनाने गए थे विनय और हिमांशी
16 अप्रैल को विनय और हिमांशी की शादी हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद ही विनय नरवाल और उनकी पत्नी हिमांशी हनीमून मानने जम्मू कश्मीर के पहलगाम पहुंचे थे. इस दौरान 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकी हमला हो जाता है और इसमें 26 लोगों की मौत हो जाती है. विनय नरवाल को भी आंतकी गोली मारते हैं और वह शहीद हो जाते हैं.
वायरल हुए एक कथित वीडियो में, घटनास्थल से हिमांशी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "मैं भेल पुरी खा रही थी और मेरे पति मेरे साथ थे. एक व्यक्ति आया और उसने पूछा कि क्या वह मुसलमान है. जब उन्होंने इनकार किया, तो उस व्यक्ति ने मेरे पति को गोली मार दी."