नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है. महिला आरक्षण के मुद्दे पर चल रही बहस के बीच मायावती ने कहा कि कांग्रेस अब जो बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, वह सिर्फ दिखावा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस केंद्र में सत्ता में थी, तब उसने SC, ST और OBC के आरक्षण कोटे को पूरा करने की कभी सच्ची कोशिश नहीं की. मायावती ने कांग्रेस को 'गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली पार्टी' करार दिया.
मायावती ने कहा कि कांग्रेस हमेशा दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों के संवैधानिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ करती रही है. उन्होंने मंडल कमीशन का उदाहरण देते हुए कहा कि OBC को 27% आरक्षण देने की सिफारिश के बावजूद कांग्रेस ने इसे लागू नहीं किया. यह आरक्षण आखिरकार वी.पी. सिंह सरकार में लागू हुआ, जिसमें BSP का भी योगदान था. मायावती ने साफ कहा कि आज कांग्रेस महिला आरक्षण के नाम पर वोट बैंक की राजनीति कर रही है, लेकिन सत्ता में रहते हुए इन वर्गों के हक की रक्षा कभी नहीं की.
मायावती ने समाजवादी पार्टी को भी नहीं बख्शा. उन्होंने 1994 का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ देने की रिपोर्ट आई थी, तो सपा सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया. लेकिन 1995 में BSP की सरकार बनते ही इस फैसले को तुरंत लागू कर दिया गया. मायावती ने कहा कि सपा जब सत्ता से बाहर होती है तो बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन सत्ता में आते ही पिछड़ों और मुस्लिमों के हक को भूल जाती है.
मायावती ने महिला आरक्षण को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसे 2011 की जनगणना के आधार पर लागू करना चाहती है, तो उसे जल्दी करना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस या सपा जैसी पार्टियां सत्ता में रहते हुए इन मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाती हैं. मायावती ने SC, ST, OBC और मुस्लिम समाज से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं. उन्होंने कहा कि इन वर्गों को खुद को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना होगा, तभी असली न्याय मिलेगा.
मायावती ने अंत में समाज को सतर्क रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियां केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए रंग बदलती हैं. सत्ता में रहते इनका रवैया अलग होता है और चुनाव के समय दूसरा. BSP प्रमुख ने जोर देकर कहा कि दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज को इन दोहरे चरित्र वाली पार्टियों से बचकर रहना चाहिए. उन्होंने अपने समाज से अपील की कि वे खुद के पैरों पर खड़े हों और किसी पर निर्भर न रहें.