नई दिल्ली: अगर आप EPFO वेबसाइट पर अपना UAN एक्टिवेट करने की कोशिश कर रहे हैं तो शायद आपने ध्यान दिया होगा कि यह ऑप्शन काम नहीं करता है. यहां पर केवल एक बटन दिखाई देता है, लेकिन यह काम नहीं करता है. इस पर क्लिक करने से आप UMANG ऐप पर रीडायरेक्ट हो जाते हैं. यह Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) द्वारा हाल ही में किया गया एक अहम बदलाव है.
UAN एक 12 अंकों का नंबर है जो आपके प्रोविडेंट फंड से जुड़ी सभी जानकारियों को एक ही जगह जोड़ता है. अगर आप EPFO की ऑनलाइन सर्विसेज का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे एक्टिवेट करना बेहद जरूरी हो जाता है. बिना एक्टिव UAN के, आप अपना PF बैलेंस चेक नहीं कर सकते, अपनी पासबुक नहीं देख सकते, पैसे नहीं निकाल सकते, या नौकरी बदलने पर अपना PF ट्रांसफर नहीं कर सकते.
EPFO ने UAN एक्टिवेशन के पूरे प्रोसेस को उमंग ऐप पर इसलिए शिफ्ट कर दिया है जिससे यह प्रोसेस आसान हो गया है. इसे कैसे एक्टिव किया जा सकता है, चलिए जानते हैं पूरा प्रोसेस…
सबसे पहले आपको अपने फोन पर उमंग ऐप को डाउनलोड कनरा है.
इसके बाद EPFO सेक्शन में जाएं. फिर UAN Activation पर क्लिक करें.
इसके बाद UAN नंबर, आधार नंबर और अपने आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर एंटर करें.
इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा. अब यह ओटीपी एंटर करें.
इसके बाद आधार नंबर का इस्तेमाल कर फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें.
वेरिफिकेशन हो जाने के बाद, आपका UAN एक्टिवेट हो जाएगा. इसके बाद आपके पास एक कंफर्मेशन मैसेज आएगा.
आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा होना चाहिए. इसके बिना यह प्रोसेस काम नहीं करेगा.
आपको अपना UAN, आधार, और मोबाइल नंबर तैयार रखना होगा.
एक्टिवेशन के बाद, आप आसानी से EPFO पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं. इसके बाद बैलेंस चेक करना, जानकारी अपडेट करना और पैसे निकालने के लिए अप्लाई करने जैसी सभी सर्विसेज का इस्तेमाल किया जा सकता है.
बता दें कि ये बदलाव कुछ यूजर्स को पसंद आ सकता है. EPFO अपनी सर्विसेज को पूरी तरह से डिजिटल और ज्यादा यूजर-फ्रेंडली बनाने की कोशिश कर रहा है. अगर आप नए PF सदस्य हैं या आपने अभी तक अपना UAN एक्टिवेट नहीं किया है, तो बेहतर होगा कि आप इसे जल्द से जल्द UMANG ऐप के जरिए कर लें.
अगर आपको इस प्रक्रिया के दौरान कोई समस्या आती है, तो आप अपने नजदीकी EPFO ऑफिस जा सकते हैं या मदद के लिए उनकी हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं. अपने UAN को एक्टिवेट करना एक बार का ही प्रोसेस है. इसके बाद प्रोविडेंट फंड को मैनेज करना काफी आसान हो जाएगा.