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दफ्तरों में साजिश का शक! TCS नासिक में जबरन मतांतरण का दिल्ली धमाके से जुड़ा आतंकी कनेक्शन

TCS नासिक यूनिट का मामला अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ गया है. निदा खान के पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी डॉ. शाहीन शाहिद के साथ लंबे समय से संबंध थे

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
दफ्तरों में साजिश का शक! TCS नासिक में जबरन मतांतरण का दिल्ली धमाके से जुड़ा आतंकी कनेक्शन
Courtesy: Pinterest and @Mrsinha x account

नई दिल्ली: नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS में निदा खान के पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी डॉ. शाहीन शाहिद के साथ लंबे समय से संबंध थे. इस खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब हरकत में आ गई है.

स्पेशल सेल की एक टीम के जल्द ही नासिक जाने की उम्मीद है. TCS की बारह महिला कर्मचारियों ने निदा खान पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने निदा पर उन्हें परेशान करने और उन पर जबरन धर्म-परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है. निदा खान पर मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार है. 

नासिक पुलिस ने क्या लिया एक्शन?

नासिक पुलिस ने भी इन घटनाक्रमों के बारे में स्पेशल सेल को जानकारी दे दी है. बता दें दिल्ली धमाकों से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने डॉ. शाहीन को गिरफ्तार कर लिया था.

स्पेशल सेल के अधिकारी ने क्या बताया?

स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि नासिक स्थित TCS ब्रांच में काम करने वाली कई महिला कर्मचारियों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके सहकर्मियों ने उनका यौन उत्पीड़न किया और उन पर जबरन धर्म-परिवर्तन विशेष रूप से इस्लाम अपनाने का दबाव डाला गया. इस मामले में HR एग्जीक्यूटिव निदा खान का नाम कथित मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया है.

और किन-किन लोगों पर लगे आरोप?

इसके अलावा कंपनी के भीतर अन्य टीम लीडरों पर भी इस मामले में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं. 12 पीड़ित महिलाओं ने नासिक पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई हैं. अब तक नासिक पुलिस ने इस मामले के संबंध में नौ FIR दर्ज की हैं. जांच में पता चला है कि फरार निदा खान के नासिक में डॉ. शाहीन शाहिद के साथ संबंध थे. डॉ. शाहीन लाल किला बम धमाका मामले में आरोपी है.

जांच में और क्या हुए खुलासे?

निदा खान, जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग से जुड़े कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में थी, जिससे शाहीन भी जुड़ी हुई थी. जांच एजेंसियां ​​अब इस पूरे मामले को सिर्फ निजी उत्पीड़न का मामला नहीं बल्कि एक हाइब्रिड या व्हाइट-कॉलर आतंकी साजिश के तौर पर देख रही हैं. इसमें कॉर्पोरेट दफ्तरों का इस्तेमाल कट्टरपंथ फैलाने और भर्ती करने में मदद के लिए किया जा रहा था.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए, इस केस से जुड़े सभी नामजद कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. कंपनी के अधिकारी चल रही जांच में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं.