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CEC नियुक्त किए गए ज्ञानेश कुमार को कितनी सैलरी और कौन-कौन सी मिलेंगी सुविधाएं? जानिए

Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar: चुनाव आयोग का मुख्य कार्य चुनावों के दौरान निष्पक्षता और स्वतंत्रता बनाए रखना है, ताकि देश के नागरिकों को अपने मत का सही तरीके से उपयोग करने का अवसर मिल सके. मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

Gyanendra Tiwari
CEC नियुक्त किए गए ज्ञानेश कुमार को कितनी सैलरी और कौन-कौन सी मिलेंगी सुविधाएं? जानिए
Courtesy: Social Media

Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar:  भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के रूप में ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति 17 फरवरी, 2025 को की गई. यह नियुक्ति एक नए कानून के तहत हुई है. यह नियुक्ति मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के बारे में 2023 में पारित हुए "मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023" के तहत की गई है. आज यानी 18 फरवरी को वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार रिटायर हो रहे हैं. उन्हीं की जगह ज्ञानेश कुमार लेंगे. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर उनकी सैलरी कितनी होगी. 

कितनी मिलेगी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सैलरी?

नए कानून के तहत नियुक्त किए गए भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 350,000 रुपये की मासिक सैलरी मिलेगी. मुख्य चुनाव आयुक्त का दर्जा भारत के चीफ जस्टिस के बराबर होता है. 

CEC ज्ञानेश कुमार को मिलेंगी ये सुविधाएं

अवकाश यात्रा भत्ता (LTC): मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को एक वर्ष में तीन बार अवकाश यात्रा भत्ता (LTC) मिलता है. यह सुविधा वे अपने, अपने जीवनसाथी और परिवार के आश्रित सदस्य के लिए प्राप्त कर सकते हैं.

संपत्ति भत्ता (Sumptuary Allowance): सीईसी और चुनाव आयुक्तों को ₹34,000 का मासिक संपत्ति भत्ता भी मिलता है, जो पूरी तरह से कर-मुक्त होता है. मुख्य चुनाव आयुक्त को रहने के लिए आवास, सरकारी गाड़ी समेत सुरक्षा सुविधा भी मिलती है. 

 सेवा और सुविधाएं: मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को "चुनाव आयोग (चुनाव आयुक्तों की सेवा की शर्तें और कार्यों का संचालन) अधिनियम, 1991" की धारा 3 के तहत उनकी सैलरी और अन्य भत्ते प्राप्त होते हैं. यह सेवा शर्तें उन्हें कई सुविधाएं प्रदान करती हैं, जो उनके कार्यकाल के दौरान मिलती हैं.

CEC का कार्यकाल और शक्तियां

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है या फिर उनकी आयु 65 वर्ष तक की सीमा तक, जो भी पहले हो. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 द्वारा भारतीय चुनाव आयोग को यह अधिकार प्राप्त है कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का आयोजन कर सके. यह आयोग केंद्र सरकार और राज्यों में होने वाले चुनावों के अलावा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के लिए भी जिम्मेदार होता है.