ज्ञानेश कुमार बने नए मुख्य चुनाव आयुक्त, निभा चुके हैं बड़ी जिम्मेदारियां


Ritu Sharma
18 Feb 2025

बिहार से शुरू होगी पहली परीक्षा

    ज्ञानेश कुमार की बतौर मुख्य चुनाव आयुक्त पहली चुनौती बिहार विधानसभा चुनाव होगी, जो 2025 के अंत में होने वाले हैं. यह चुनाव उनके नेतृत्व में निष्पक्षता और पारदर्शिता की पहली कसौटी होगा.

22 राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव

    उनके कार्यकाल में 2025 से लेकर 2029 तक 22 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य शामिल हैं.

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव की जिम्मेदारी

    2027 में भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव भी होंगे, जो देश की सबसे महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रियाओं में से एक है. इनके सफल आयोजन की पूरी जिम्मेदारी ज्ञानेश कुमार पर होगी.

राज्यसभा चुनाव और बड़े निकाय चुनाव

    अगले चार साल में विभिन्न राज्यों में 102 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे. इसके अलावा, मुंबई बीएमसी, हैदराबाद नगर निगम और महाराष्ट्र निकाय चुनाव भी उनकी देखरेख में संपन्न होंगे.

नए चुनावी सुधार लागू करने की चुनौती

    ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग के नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं. ऐसे में उन्हें चुनावी सुधारों को लागू करने की भी बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी.

2029 के लोकसभा चुनाव से पहले रिटायरमेंट

    उनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक रहेगा, जिससे वह 2029 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले रिटायर हो जाएंगे. इससे पहले उन्हें सभी चुनावी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना होगा.

निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की चुनौती

    देश में चुनावों को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में ईवीएम विवाद, निष्पक्ष मतदान, आचार संहिता का पालन और चुनावी पारदर्शिता जैसी चुनौतियों से निपटना भी उनकी प्राथमिकता होगी.

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