नई दिल्ली: अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कषगम' (TVK) द्वारा सेलम में आयोजित जनसभा में एक बड़ी त्रासदी सामने आई है. शुक्रवार को आयोजित इस राजनीतिक कार्यक्रम में एक दर्शक की अचानक तबीयत बिगड़ने और दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई. मृतक की पहचान महाराष्ट्र निवासी सूरज के रूप में हुई है. वह सेलम में चांदी का काम करता था. इस घटना ने रैली के उत्साह के बीच सुरक्षा व्यवस्थाओं और चिकित्सा आपातकाल की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सेलम के सीलनायकेनपट्टी में आयोजित इस सार्वजनिक बैठक में सूरज एक दर्शक के तौर पर शामिल हुआ था. चश्मदीदों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान वह अचानक जमीन पर गिर पड़ा. वहां मौजूद लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया और चिकित्सा सहायता बुलाई, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया और मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताया. सेलम पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आगे की पूछताछ जारी है.
मृतक सूरज महाराष्ट्र का मूल निवासी था, लेकिन वह रोजगार के लिए सेलम के सेवाइपेट्टई इलाके में रह रहा था. वह यहां चांदी से संबंधित मजदूरी का काम करके अपना जीवन यापन करता था. वह अपने पीछे पत्नी और एक बच्चे को छोड़ गया है. एक मेहनतकश मजदूर की इस तरह अचानक हुई मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पुलिस अब सूरज के परिवार के सदस्यों से संपर्क कर रही है ताकि पोस्टमार्टम और अन्य विधिक प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें.
अभिनेता से राजनेता बने विजय ने सेलम में पार्टी पदाधिकारियों के लिए आयोजित इस सभा के माध्यम से अपना राजनीतिक अभियान फिर से शुरू किया है. यह बैठक दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई. कार्यक्रम में पांच जिलों के पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था. इससे पहले विजय ने दिसंबर 2025 में इरोड में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया था. सेलम की इस बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए पार्टी की जमीनी पकड़ को मजबूत करना था.
करूर में हुई पिछली घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रशासन और पार्टी ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे. रैली स्थल पर लगभग 600 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. पार्टी ने क्यूआर कोड वाले एंट्री पास की व्यवस्था की थी और केवल 4,998 लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई थी. कार्यकर्ताओं से लगातार अपील की गई कि वे पुलिस दिशानिर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो पाए.
बता दें कि इससे पहले करूर में विजय की एक रैली के दौरान मची भगदड़ में करीब 40 लोगों की जान चली गई थी. उस त्रासदी के बाद से विजय की रैलियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिक सतर्क रहती है. सेलम जिला सचिव तमिलन पार्थिबन ने भी यह सुनिश्चित किया था कि भीड़ निर्धारित सीमा से अधिक न हो. हालांकि, सुरक्षा के तमाम इंतजामों के बावजूद सूरज की मौत ने आयोजकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं.