बॉलीवुड में नेपोटिज्म पर चर्चा भले ही इस वक्स न हो रही हो लेकिन जुनेद खान ने एक बार फिर इस मुद्दे को उठाया है हैं. सुपरस्टार आमिर खान के बेटे ने यह माना है कि नेपोटिज्म शब्द उन्हें परेशान नहीं करता, क्योंकि उन्हें पता है कि फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें अपने पिता की विरासत की वजह से कुछ खास फायदे मिलते हैं. जुनेद ने यह भी कहा कि उन्हें खुद को खुशनसीब लगता है कि लगातार फ्लॉप फिल्में देने के बाद भी उन्हें काम मिलता जा रहा है.
हाल ही में, जुनेद ने विक्की लालवानी के यूट्यूब चैनल पर दिखाई दिए जहां उन्होंने आमिर खान का बेटा होने के बारे में खुलकर बात की. इसके साथ ही एक्टर ने और नेपोटिज्म पर चल रही बहस पर भी अपने विचार साझा किए. इंडस्ट्री में अपनी खास स्थिति को स्वीकार करते हुए, जुनेद ने माना कि उन्हें अपने पिता की वजह से कई मौके मिलते हैं. उन्होंने कहा कि नेपोटिज्म शब्द उन्हें परेशान नहीं करता, क्योंकि यह सच है. उन्हें बहुत काम इसलिए मिलते हैं क्योंकि वह आमिर खान के बेटे हैं.
उनसे उनकी निजी जिंदगी के बारे में भी पूछा गया. इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, 'सर, अभी दो फ्लॉप फिल्मों के बाद काम मिल रहा है, तो मुझे काम करने दीजिए ना!'
जुनेद ने कहा कि प्रोड्यूसर अक्सर एक्टर को इस आधार पर चुनते हैं कि वे कितने 'मार्केटेबल' हैं. यही वजह है कि 'स्टार किड्स' को अक्सर ज्यादा पसंद किया जाता है, क्योंकि लोग उन्हें पहले से ही जानते-पहचानते हैं. उन्होंने समझाया कि फ़िल्ममेकर हमेशा उस एक्टर को नहीं चुनते जो रोल के लिए सबसे ज्यादा सही हो, बल्कि उसे चुनते हैं जो फिल्म को बेचने में मदद कर सके.
जुनेद ने 2024 में सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा की डायरेक्टेड फिल्म 'महाराज' से अपना डेब्यू किया. 1862 के 'महाराज मानहानि केस' पर आधारित इस फिल्म में शालिनी पांडे, शरवरी और जयदीप अहलावत ने भी अहम किरदार निभाए थे.