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शिलाजीत है लाखों की कमाई का रास्ता... करेंगे ये काम तो तुरंत मिलेंगे 1 लाख रुपये!

हिमालयी क्षेत्रों में मिलने वाला शिलाजीत इन दिनों कमाई का बड़ा जरिया बनता जा रहा है. गर्मियों में चट्टानों की दरारों से निकलने वाला यह प्राकृतिक पदार्थ बाजार में बेहद महंगा बिकता है.

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Reepu Kumari

पहाड़ों के कठिन रास्तों और ऊंची चट्टानों के बीच मिलने वाला शिलाजीत आज सिर्फ आयुर्वेदिक औषधि नहीं, बल्कि कमाई का बड़ा साधन बन चुका है. गर्मियों के मौसम में हिमालयी इलाकों में इसकी तलाश तेज हो जाती है. स्थानीय लोग इसे बेहद सावधानी से इकट्ठा करते हैं और फिर बाजार तक पहुंचाते हैं.

देश ही नहीं, विदेशों में भी शिलाजीत की मांग लगातार बढ़ रही है. आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों की लोकप्रियता ने इसकी कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. यही वजह है कि लोग इसे ‘काला सोना’ कहने लगे हैं. सही गुणवत्ता वाला शिलाजीत लाखों रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है.

गर्मियों में शुरू होता है असली सीजन

शिलाजीत मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों की चट्टानों से निकलता है. मई से जुलाई के बीच तापमान बढ़ने पर यह चट्टानों की दरारों से बाहर आता है. यही समय इसके संग्रह का सबसे महत्वपूर्ण सीजन माना जाता है. पहाड़ी इलाकों के लोग इस दौरान ऊंचे और दुर्गम क्षेत्रों में जाकर इसे इकट्ठा करते हैं. मौसम और स्थान के अनुसार इसकी उपलब्धता अलग-अलग होती है, इसलिए इसका संग्रह आसान नहीं माना जाता.

बाजार में क्यों बढ़ रही इतनी कीमत

शुद्ध शिलाजीत की कीमत उसकी गुणवत्ता पर निर्भर करती है. बिना रिफाइन किया गया शिलाजीत सामान्य तौर पर 2 से 5 हजार रुपये प्रति किलो तक बिकता है. वहीं प्रोसेस और रिफाइन होने के बाद इसकी कीमत कई गुना बढ़ जाती है. अच्छी गुणवत्ता वाला शिलाजीत बाजार में एक लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है. बढ़ती मांग और सीमित उपलब्धता इसकी कीमतों को लगातार ऊपर ले जा रही है.

चट्टानों से निकालना आसान नहीं

शिलाजीत का संग्रह बेहद जोखिम भरा काम माना जाता है. यह ऊंची पहाड़ियों और खतरनाक चट्टानों की दरारों में जमा होता है. स्थानीय लोग पारंपरिक तरीकों और अनुभव की मदद से इसे निकालते हैं. इसके बाद इसे साफ किया जाता है और उपयोग योग्य बनाने के लिए प्रोसेसिंग की जाती है. सही तरीके से रिफाइनिंग नहीं होने पर इसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे बाजार में कीमत भी कम मिलती है.

आयुर्वेदिक बाजार में बढ़ा इस्तेमाल

आयुर्वेद और हर्बल प्रोडक्ट्स की बढ़ती लोकप्रियता ने शिलाजीत की मांग को तेजी से बढ़ाया है. इसे ऊर्जा बढ़ाने, इम्यूनिटी मजबूत करने और शरीर को ताकत देने वाला प्राकृतिक पदार्थ माना जाता है. कई कंपनियां अब इसे कैप्सूल, पाउडर और रेजिन के रूप में बेच रही हैं. ऑनलाइन बाजार में भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे छोटे कारोबारियों और स्थानीय लोगों को नई कमाई का मौका मिल रहा है.

कम निवेश में बन सकता है बड़ा कारोबार

विशेषज्ञों के अनुसार सही जानकारी और गुणवत्ता के साथ काम किया जाए तो शिलाजीत का कारोबार कम निवेश में अच्छा मुनाफा दे सकता है. खासकर पहाड़ी इलाकों के लोगों के लिए यह अतिरिक्त आय का मजबूत जरिया बन रहा है. हालांकि संग्रह के दौरान सुरक्षा और शुद्धता दोनों का ध्यान रखना जरूरी है. मिलावटी शिलाजीत बाजार में भरोसा खराब कर सकता है, इसलिए गुणवत्ता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.