नई दिल्ली: सर्दियों में कार का हीटर आराम का सबसे बड़ा सहारा होता है, लेकिन कई बार तकनीकी खराबी या फ्यूल बचाने की वजह से हीटर का इस्तेमाल नहीं किया जाता. ऐसे में कार के अंदर ठंड तेजी से महसूस होने लगती है.
हालांकि, कुछ आसान और व्यावहारिक उपाय अपनाकर बिना हीटर भी कार को गर्म रखा जा सकता है. ये तरीके न सिर्फ सुरक्षित हैं, बल्कि लंबे सफर में भी आपको ठंड से बचाने में मदद करते हैं और ड्राइविंग को आरामदायक बनाते हैं.
कार में बैठते समय हल्के लेकिन गर्म कपड़े पहनना बेहद जरूरी है. जैकेट, स्वेटर और थर्मल लेयर्स शरीर की गर्मी को बनाए रखते हैं. अगर सफर लंबा है, तो एक कंबल या शॉल कार में रखना भी फायदेमंद रहता है. इससे शरीर की गर्मी बाहर नहीं जाती और ठंड का असर कम महसूस होता है.
दिन के समय ड्राइव करते वक्त कार को कुछ देर धूप में खड़ा करना कार के अंदर की हवा को गर्म कर देता है. ड्राइविंग के दौरान सनरूफ या शीशों से आने वाली धूप प्राकृतिक हीट का काम करती है. इससे बिना किसी इलेक्ट्रिक सिस्टम के कार का केबिन थोड़ी देर तक गर्म बना रहता है.
ठंड में जरा सा खुला शीशा भी कार के अंदर की गर्म हवा बाहर निकाल देता है. ड्राइव शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि सभी खिड़कियां और दरवाजे ठीक से बंद हों. रबर बीडिंग सही हालत में हो तो ठंडी हवा के अंदर आने की संभावना भी कम हो जाती है.
फैब्रिक या वेलवेट सीट कवर ठंड को कम महसूस होने देते हैं. लेदर सीट ठंड जल्दी पकड़ लेती है, जिससे बैठते ही सिहरन होती है. मोटे फ्लोर मैट कार के फर्श से आने वाली ठंडी हवा को रोकते हैं और पैरों को गर्म रखने में मदद करते हैं.
ड्राइविंग के दौरान इंजन धीरे-धीरे गर्म होता है, जिससे कार के अंदर भी हल्की गर्माहट आती है. बहुत तेज रफ्तार या बार-बार इंजन बंद करने से बचें. स्मूथ ड्राइविंग से इंजन की गर्मी बनी रहती है और केबिन में ठंड कम महसूस होती है.
सफर के दौरान गर्म चाय या कॉफी पीने से शरीर अंदर से गर्म रहता है. लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठने के बजाय हाथ-पैर हल्के हिलाते रहें. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और ठंड का असर शरीर पर कम पड़ता है.