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टैगोर जयंती और BJP शपथ ग्रहण का खास कनेक्शन, क्यों चुनी गई आज 9 मई की तारीख?

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए 9 मई की तारीख चुने जाने को लेकर चर्चा तेज है. दरअसल, बंगाल में 9 मई को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पारंपरिक रूप से मनाई जाती है.

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Edited By: Reepu Kumari
टैगोर जयंती और BJP शपथ ग्रहण का खास कनेक्शन, क्यों चुनी गई आज 9 मई की तारीख?
Courtesy: GROK

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 294 में से 206 सीटों पर कब्जा जमाया. इसके साथ ही लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस सरकार का अंत हो गया. अब भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं.

हालांकि, इस शपथ ग्रहण समारोह से ज्यादा चर्चा इसकी तारीख को लेकर हो रही है. भाजपा ने शपथ ग्रहण के लिए 9 मई की तारीख चुनी है, जिसे बंगाल में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के रूप में मनाया जाता है. इसी वजह से यह फैसला राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों नजरियों से खास माना जा रहा है.

बंगाल की संस्कृति से जुड़ी है 9 मई की तारीख

पश्चिम बंगाल में रवींद्रनाथ टैगोर सिर्फ एक कवि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का बड़ा प्रतीक माने जाते हैं. राज्य में हर साल उनके जन्मोत्सव को खास उत्साह के साथ मनाया जाता है. बंगाली समाज के लिए यह दिन साहित्य, कला और परंपरा से जुड़ी भावनाओं का हिस्सा है.

बंगाली पंचांग से तय होती है जयंती

अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को हुआ था. लेकिन बंगाली पंचांग के मुताबिक उनका जन्म 25 बैसाख को माना जाता है. साल 2026 में 25 बैसाख की तिथि 9 मई को पड़ रही है. इसी कारण बंगाल में इस बार 9 मई को टैगोर जयंती मनाई जा रही है.

कभी 8 तो कभी 9 मई को होता है आयोजन

बंगाली पंचांग और अंग्रेजी कैलेंडर के अंतर की वजह से टैगोर जयंती की तारीख हर साल बदल सकती है. कई बार यह 8 मई को पड़ती है और कभी 9 मई को. हालांकि बंगाल में पारंपरिक रूप से 25 बैसाख को ही सबसे अधिक महत्व दिया जाता है. यही वजह है कि राज्य के लोग इस दिन को विशेष सांस्कृतिक उत्सव की तरह मनाते हैं.

BJP ने दिया बड़ा सांस्कृतिक संदेश

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने शपथ ग्रहण के लिए 9 मई का चयन करके बंगाल की सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ने की कोशिश की है. पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि नई सरकार राज्य की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का सम्मान करेगी. इसी कारण टैगोर जयंती के दिन शपथ ग्रहण को खास रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है.

सुवेंदु अधिकारी संभालेंगे नई जिम्मेदारी

भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया है. अब वह पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं.

राजनीति के साथ संस्कृति की भी चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम ने बंगाल में राजनीति और संस्कृति दोनों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. एक तरफ सत्ता परिवर्तन को लेकर उत्साह है, तो दूसरी तरफ टैगोर जयंती के दिन शपथ ग्रहण को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं. फिलहाल 9 मई का दिन बंगाल की राजनीति और सांस्कृतिक इतिहास दोनों के लिए खास बन गया है.