menu-icon
India Daily

55 साल के BJP नेता सुवेंदु अधिकारी अबतक हैं अनमैरिड, जानिए बंगाल के होने वाले नए CM ने क्यों नहीं की शादी

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे सुवेंदु अधिकारी ने अबतक शादी नहीं की है. सालों पहले एक सभा में उन्होंने खुद जानकारी दी थी कि समाज और राजनीति के लिए पूरा समय देने की वजह से उन्होंने अविवाहित रहने का फैसला किया.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
55 साल के BJP नेता  सुवेंदु अधिकारी अबतक हैं अनमैरिड, जानिए बंगाल के होने वाले नए CM ने क्यों नहीं की शादी
Courtesy: @Talwar_1009 and Pinterest

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी अब एक बड़ा चेहरा बन चुके हैं. आज 9वें मुख्यमंत्री के रुप में 11 बजे शपथ लेने जा रहे हैं. बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर उनका नाम इतिहास में दर्ज होने वाला है. लेकिन राजनीतिक सफर के साथ-साथ अब उनकी निजी जिंदगी की चर्चा भी तेज हो गई है. 55 साल के अधिकारी ने अबतक शादी क्यों नहीं की है इसे लेकर भी लोग सवाल कर रहे हैं. उनका पुराना जवाब अब वायरल हो रहा है.

सभा में खुद बताई थी दिल की बात

करीब छह साल पहले हल्दिया की एक सभा में अधिकारी ने अपने अविवाहित रहने पर खुलकर बात की थी. अधिकारी ने कहा था कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि उनके भाई शादीशुदा हैं तो उन्होंने विवाह क्यों नहीं किया. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी फैमली सिर्फ घर तक सीमित नहीं, पूरा समाज ही उनका परिवार है.

इन्हें मानते हैं आदर्श

 सुवेंदु अधिकारी की मानें तो उन्होंने अपने आदर्श नेताओं सतीश सामंता और सुशील धारा से प्रेरणा ली. इन नेताओं ने समाज सेवा को प्राथमिकता देते हुए शादी न करने का फैसला लिय. वो आगे कहते हैं कि उसी रास्ते पर वो भी चल रहे हैं. अपना जीवन जनता के नाम कर दिया है. 

पिता हो गए थे नाराज

हर पिता की तरह  सुवेंदु अधिकारी के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिशिर अधिकारी को जब यह पता चला था वो नाराज हो गए थे. इस फैसले से शुरुआत में वो खुश नहीं थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्होंने बेटे को काफी डांटा भी था. पिता चाहते थे कि हर व्यक्ति की तरह  सुवेंदु अधिकारी का भी अपना परिवार और गृहस्थ जीवन होना चाहिए. हालांकि बाद में उन्होंने बेटे के फैसले को मान लिया था.

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर

 सुवेंदु अधिकारी की माने तो वह 1987 से छात्र राजनीति से जुड़े हुए हैं. वक्त के साथ उनका पूरा जीवन राजनीति और सार्वजनिक कार्यों में समर्पित हो गया. उनके इलाके के कई स्वतंत्रता सेनानी भी अनमैरिड थे. समाज के लिए लगातार काम करते रहे थे. उनकी सोच से वो प्रभावित हो गए. 

सकारात्मक फैसला

एक टीवी इंटरव्यू में सुवेंदु अधिकारी ने शादी न करने के फैसले को सकारात्मक बताया है. इससे जनता के लिए ज्यादा समय देने का मौका मिला. वो मानत हैं पारिवारिक जिम्मेदारियां नहीं होने से वह पूरी तरह सार्वजनिक जीवन पर ध्यान दे सके. साथ ही राजनीति में परिवारवाद और शक्ति के गलत इस्तेमाल से भी वो दूर रह पाए. उनके लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है.

नौवें मुख्यमंत्री बनेंगे अधिकारी

आज अधिकारी बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं, और इस तरह वे 55 वर्षों में पहले ऐसे मुख्यमंत्री बनेंगे जो कोलकाता के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों से राज्य प्रशासन का नेतृत्व करेंगे. बंगाल में आखिरी बार ग्रामीण इलाकों से मुख्यमंत्री 1971 में बने थे, जब अजय मुखर्जी ने कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में, जो 1969 में कांग्रेस विभाजन के बाद इंदिरा गांधी के नेतृत्व में गठित एक अलग गुट था, तीसरी बार मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था.