कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए फालता विधानसभा सीट पर हुए मतदान को रद्द कर दिया है. आयोग ने निर्देश दिया है कि इस क्षेत्र के सभी 285 पोलिंग बूथों पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा. इससे पहले 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान कई गंभीर शिकायतें सामने आई थीं.
मतदान के दिन ईवीएम में गड़बड़ी और धांधली के आरोप लगे थे. खासतौर पर एक बूथ पर भाजपा के चुनाव चिन्ह के सामने ईवीएम पर टेप लगाए जाने की घटना ने विवाद को और गहरा कर दिया. इस मामले ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए, जिसके बाद आयोग ने पूरे क्षेत्र में पुनर्मतदान का निर्णय लिया.
इससे पहले मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर शनिवार को दोबारा मतदान कराया गया था. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इन 15 बूथों पर लगभग 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. यह आंकड़ा दर्शाता है कि मतदाताओं में मतदान को लेकर उत्साह बना हुआ है.
दक्षिण 24 परगना जिले में मतदान के दौरान टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कई स्थानों पर झड़पें हुईं. फालता क्षेत्र में कुछ मतदाताओं ने आरोप लगाया कि मतदान के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की. विरोध करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों को सिर, हाथ और पैर में चोटें आईं.
दूसरी ओर, टीएमसी ने भी सुरक्षाबलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पार्टी का कहना है कि मगराहाट के बूथ नंबर 127 पर सुरक्षाबलों ने उनके कैंप में तोड़फोड़ की और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की.
इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए काउंटिंग एजेंट्स को संबोधित किया. उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी.
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, फालता सीट पर पुनर्मतदान के बाद मतगणना 24 मई को कराई जाएगी. अब सभी की नजरें इस सीट के दोबारा मतदान और अंतिम नतीजों पर टिकी हैं.