वोटों की गिनती के बीच बढ़ गया ममता बनर्जी का पारा! सोशल मीडिया पर जारी किया URGENT मैसेज
बंगाल में बीजेपी जीतती नजर आ रही है. इसी बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों के लिए अर्जेंट मैसेज जारी किया है. जिसमें उन्हें बीजेपी पर हमला बोलते देखा जा सकता है.
पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में वोटों की गिनती जारी है. रुझानों के मुताबिक इस बार तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर जाती नजर आ रही है. हालांकि इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अर्जेंट मैसेज दिया है. उन्होंने गिरते किला को देखते हुए अपने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है.
वीडियो में ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम चुनाव में टाइगर के बच्चों की तरह लड़े हैं. हम हार नहीं मानेंगे. उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि मतगणना को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है. ममता ने कहा कि मतगणना रोक दी गई है, सात मशीनें बंद कर दी गई हैं और कई दफ्तरों में तोड़फोड़ हुई है.
बीजेपी की स्पष्ट बढ़त से बढ़ा तनाव?
सीएम बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि वोट लूटे जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि हम अभी भी कई सीटों पर आगे हैं. ममता ने राज्य पुलिस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस अब माफिया के इशारों पर काम कर रही है और उसने उनके सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. हालांकि, उन्होंने समर्थकों से हिम्मत नहीं हारने की अपील की और कहा कि डरो मत, हम उनसे लड़ेंगे.
वर्तमान रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी बंगाली की 293 सीटों में से 191 सीटों पर स्पष्ट बढ़त बनाती नजर आ रही है. जो बहुमत के आंकड़े 148 से कहीं अधिक है. वहीं तृणमूल कांग्रेस मात्र 97 सीटों तक सिमट गई है. बीजेपी को करीब 114 सीटों का फायदा दिख रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 115 सीटों का नुकसान हुआ है.
ममता बनर्जी के सीट का हाल
2011 से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस पहली बार सत्ता से बाहर होने की कगार पर दिख रही है, जबकि बीजेपी पहली बार राज्य में सरकार बनाने की मजबूत स्थिति में पहुंच गई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं, जहां उनका मुकाबला बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी से है. फिलहाल ममता बनर्जी इस सीट पर आगे चल रही हैं.
उल्लेखनीय है कि शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं. यह चुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है. विपक्षी दलों का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के लंबे शासन में भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और प्रशासनिक ढिलाई के मुद्दे मतदाताओं के मन में रहे. वहीं सत्तारूढ़ दल ने विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया था. अब कुछ देर में आधिकारिक रूप से यह साफ हो जाएगा कि सीएम बनर्जी अपनी सत्ता बचा पाएंगी या नहीं?