West Bengal Assembly Election 2026

'सोची समझी हत्या, 15 साल के महा जंगल राज...', PA की हत्या पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर साधा निशाना

बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के व्यक्तिगत सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है. बीजेपी नेताओं ने इस घटना के पीछे टीएमसी का हाथ होने का आरोप लगाया है.

ANI
Shanu Sharma

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आते ही राज्य में अपराध शुरू हो गया. बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के व्यक्तिगत सहायक चंद्रनाथ रथ को हमलावर ने आधी रात में गोली मार दी. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. बीजेपी नेता ने इस घटना का आरोप टीएमसी पर लगाया है.

सुवेंदु अधिाकरी ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हम गहरे सदमे में हैं. हमारे पास इसकी निंदा के लिए शब्द नहीं है. उन्होंने कहा कि इस हत्या के पीछे 15 साल के महां जंगल राज की मानसिकता काम कर रही है. उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन को दी.

बीजेपी नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

बीजेपी के दूसरे नेताओं ने इस घटना का सीधा आरोप टीएमसी पर लगाया है. नेता अर्जुन सिंह ने दावा किया कि इस साजिश के पीछे ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का हाथ हो सकता है. उनका कहना था कि टीएमसी सत्ता से बाहर होने के बावजूद अपनी ताकत दिखाना चाहती है.

वहीं अग्निमित्रा पॉल ने भी इस हमले को भवानीपुर में टीएमसी की हार से जोड़ा और कहा कि अभी सीसीटीवी फुटेज की जांच चल रही है. उन्होंने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनते ही ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगेगी. उन्होंने कहा कि जांच तेजी से की जा रही है और किसी को दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.

TMC ने जारी किया बयान

TMC ने एक्स पर जारी बयान जारी करते हुए चंद्रनाथ रथ की हत्या की कड़ी निंदा की और अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की. टीएमसी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं की कोई जगह नहीं है. पार्टी ने साथ ही दावा किया कि चुनाव परिणाम के बाद पिछले तीन दिनों में टीएसी के तीन अन्य कार्यकर्ताओं की हत्या बीजेपी समर्थित तत्वों ने की है. ममता बनर्जी की पार्टी का कहना है कि इन घटनाओं के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू थी, फिर भी हिंसा हुई.