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ओवरटेक कर रोकी कार, फिर चलीं 10 गोलियां… चश्मदीद की आंखों के सामने खेला मौत का खूनी खेल

पश्चिम बंगाल में आधी रात बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या कर दी गई है. इस घटना के चश्मदीद ने बताया कि उस वक्त आखिरी पल में हुआ क्या था?

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Edited By: Shanu Sharma
ओवरटेक कर रोकी कार, फिर चलीं 10 गोलियां… चश्मदीद की आंखों के सामने खेला मौत का खूनी खेल
Courtesy: X (@ManishPDA, @Yadavanvi72085)

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे तो आ गए लेकिन अभी भी शांति नहीं आई है. उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में बुधवार को आधी रात बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक यानी PA चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई है. इस घटना ने पूरे राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है.

घटना के बाद आधी रात से ही पुलिस ने तेज से जांच शुरू कर दी है. फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत कर दिया गया है.  इस घटना को सामने से देखनेवाले एक चश्मदीद ने पूरी कहानी बताई है.

चश्मदीद ने बताई पूरी कहानी

इस घटना को सामने से देखने वाले एक चश्मदीद ने बताया कि यह वारदात रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच हुई. उसने बताया कि सबसे पहले एक हमलावर ने चंद्रनाथ की कार को अचानक अपनी कार से सड़क पर रोक लिया. तभी पीछे से एक व्यक्ति बाइक से आया और फायरिंग शुरू कर दी. हमलावर ने काफी करीब से गोलियां चलाई.

चश्मदीद ने बताया कि उसने कई राउंड फायरिंग की आवाज सुनी. हमले के बाद कार को वहीं छोड़कर, दोनों बाइक पर बैठ कर वहां से फरार हो गए. उसके मुताबिक एक गोली चंद्रनाथ के ड्राइवर को भी लगी थी. जब चंद्रनाथ को अस्पताल ले जाया गया तो वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

पुलिस ने दी मामले की जानकारी

पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हमलावर बेहद पेशेवर तरीके से तैयार होकर आए थे. उन्होंने पहले से ही चंद्रनाथ रथ की दिनचर्या और रूट की रेकी कर रखी थी. घटना में इस्तेमाल की गई कार की नंबर प्लेट फर्जी थी. मौके से जिंदा कारतूस और इस्तेमाल किए गए खोल बरामद किए गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक दो गोलियां चंद्रनाथ के सीने में लगीं जो दिल के आर-पार हो गईं और एक गोली पेट में लगी.

पुलिस का मानना है कि हमलावरों ने हर पहलू को ध्यान में रखकर प्लान बनाया था. जांच के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके. इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. इस घटना ने बंगाल की राजनीति और राज्य की सुरक्षा पर एक बार फिर से सवाल खड़ा कर दिया है.