नई दिल्ली: बीजिंग में आयोजित एक अनोखी हाफ मैराथन ने दुनिया को चौंका दिया, जहां पहली बार ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने इंसानी धावकों को पीछे छोड़ दिया. इस ऐतिहासिक आयोजन का नाम बीजिंग ई-टाउन'इंसान-रोबोट संयुक्त दौड़' था, जिसमें 100 से ज्यादा रोबोट और करीब 12 हजार इंसानों ने एक साथ 21.1 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लिया.
इस प्रतियोगिता में सबसे आगे रहने वाला रोबोट ‘लाइटनिंग’ रहा, जिसे Honor ने विकसित किया है. इस रोबोट ने 21 किलोमीटर की दूरी मात्र 50 मिनट 26 सेकंड में पूरी कर ली, जो इंसानों के मौजूदा वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी तेज है. इससे पहले यह रिकॉर्ड Jacob Kiplimo के नाम था, जिन्होंने 57 मिनट 20 सेकंड में यह दूरी पूरी की थी.
यह उपलब्धि पिछले साल की तुलना में काफी बड़ी छलांग मानी जा रही है, क्योंकि 2025 में आयोजित पहली रेस में सबसे तेज रोबोट को यह दूरी तय करने में दो घंटे से ज्यादा समय लगा था. इस बार टेक्नोलॉजी में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है.
खास बात यह रही कि टॉप तीनों स्थान Honor की टीमों ने ही हासिल किए. दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले रोबोट्स ने भी क्रमशः करीब 51 और 53 मिनट में दौड़ पूरी की. इन रोबोट्स में स्मार्टफोन जैसी लिक्विड कूलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे लंबे समय तक दौड़ने में मदद मिली.
Just wrapped up: Beijing Yizhuang Humanoid Robot Half Marathon 2026.
— Tesla Aaron L (@TeslaAaronL) April 19, 2026
Champion: Honor’s “Lightning” robot finished in 50:26 — smashing the human half-marathon world record by ~17 minutes. pic.twitter.com/3B4XUPrYSS
इस साल के आयोजन में लगभग 40 प्रतिशत रोबोट्स ने बिना किसी रिमोट कंट्रोल के खुद से दौड़ पूरी की, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेंसर टेक्नोलॉजी में बड़ी प्रगति को दर्शाता है. हालांकि कुछ रोबोट्स शुरुआत में गिर गए या रास्ता भटक गए, जिससे यह भी साफ हुआ कि तकनीक अभी पूरी तरह परफेक्ट नहीं है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भविष्य की तकनीक की झलक जरूर दिखाती है, लेकिन अभी भी इंसानों जैसी समझ, निर्णय क्षमता और लचीलापन मशीनों में पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है.
चीन इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ह्यूमनॉइड रोबोट्स में भारी निवेश कर रहा है. इस आयोजन ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में रोबोटिक्स और AI का प्रभाव और भी ज्यादा बढ़ने वाला है.