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महिला ने शरीर के 99.98% हिस्से पर गुदवाया टैटू, अब दर्ज हुआ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम

Guinness World Records: अमेरिका में रहने वाली महिला का नाम एस्पेरेंस लुमिनेस्का फ्यूरजिना ने अपने शरीर के 99.98% हिस्से पर टैटू बनवाया है. महिला की उम्र 36 साल है. फ्यूरजिना ने 21 साल की उम्र में शरीर पर टैटू बनवाना शुरू कर दिया था. इसी को लेकर महिला का नाम  गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. वह सेना में पूर्व मेडिकल ऑफिसर रही हैं. 

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महिला ने शरीर के 99.98% हिस्से पर गुदवाया टैटू, अब दर्ज हुआ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम
Courtesy: Social Media

Most Tattooed Women: दुनिया में कई लोगों को शरीर पर टैटू बनवाने का शौक होता है. कुछ लोग किसी को दिमाग में रखते हुए टैटू बनवाते हैं तो कुछ लोग फैशन के लिए यह कदम उठाते हैं. लेकिन क्या आपने किसी व्यक्ति को देखा है जिसने अपने लगभग पूरे शरीर पर टैटू गुदवा लिया हो और इसके लिए उसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का खिताब मिला हो? बता दें, सच में ऐसा हुआ है. अमेरिका में रहने वाली 36 साल की महिला ने अपने शरीर पर इतने टैटू बनवाए हैं जिसकी वजह से उसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया है. 

अमेरिका में रहने वाली महिला का नाम एस्पेरेंस लुमिनेस्का फ्यूरजिना (Esperance Lumineska Fuerzina) है. वह सेना में पूर्व मेडिकल ऑफिसर रही हैं. एस्पेरेंस लुमिनेस्का फ्यूरजिना ने अपने शरीर के 99.98% हिस्से पर टैटू बनवाए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्यूरजिना ने अपने हाथों, पैरों, सिर, जीभ, मसूड़ों, आंख की पुतली (केवल सफेद हिस्से) पर और प्राइवेट पार्ट पर भी टैटू गुदवाया है. 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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कब शुरू किया टैटू बनवाना?

फ्यूरजिना का कहना है जो भी उन्हें देखता है तो उसे चलता-फिरता सुंदर कैनवास कहता है. फ्यूरजिना का मानना है कि उन्होंने अपने शरीर पर टैटू 'अंधेरे को सुंदरता में बदलने' की थीम पर बनाया है. मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, जब वह 21 साल की थी तब उन्होंने टैटू बनवाना शुरू किया था. एस्पेरेंस लुमिनेस्का फ्यूरजिना ने अपने टैटू को दिखाते हुए का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इसके अलावा वह कई फोटोज भी शेयर करती रहती हैं. 

फ्यूरजिना ने बताया राज

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने पहले उन्हें काफी डर लगता था लेकिन सेना की ट्रेनिंग के बाद वह काफी स्ट्रांग हो गई. उनका मानना है कि वह ये सब इसलिए करवा सकीं क्योंकि महिलाओं की ताकत और उनमें कुछ भी कर गुजरने की क्षमता होती है.