नई दिल्ली: नया साल आने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं और इस मौके पर लोग जमकर जश्न मनाने की तैयारी में जुटे हैं. न्यू ईयर पार्टी हो और खाने-पीने की बात न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. अक्सर लोग दोस्तों या रिश्तेदारों के घर पार्टी में जाते समय शराब की बोतल भी साथ ले जाते हैं. ऐसे में एक बड़ा सवाल लोगों के मन में रहता है कि क्या मेट्रो में शराब लेकर सफर किया जा सकता है या नहीं. अगर हां, तो कितनी बोतलें और कितनी मात्रा तक अनुमति है, ताकि सुरक्षा जांच के दौरान कोई परेशानी न हो.
न्यू ईयर के दौरान यह दुविधा और भी बढ़ जाती है, क्योंकि मेट्रो सबसे आसान और सुरक्षित यात्रा का साधन मानी जाती है. लेकिन शराब से जुड़े नियम हर मेट्रो शहर और राज्य की आबकारी नीति के अनुसार अलग-अलग होते हैं. इसलिए यात्रा से पहले नियम जान लेना बेहद जरूरी है.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के नियमों के मुताबिक, कोई भी यात्री अपने साथ मेट्रो में अधिकतम दो शराब की बोतलें ले जा सकता है. ध्यान रखने वाली सबसे जरूरी बात यह है कि ये दोनों बोतलें पूरी तरह सीलबंद होनी चाहिए. खुली या आधी बोतल ले जाने की अनुमति नहीं है. इसके अलावा मेट्रो परिसर या ट्रेन के अंदर शराब पीना पूरी तरह प्रतिबंधित है.
अगर आप दिल्ली मेट्रो से नोएडा या फरीदाबाद जैसे एनसीआर इलाकों की तरफ जा रहे हैं, तो आपको संबंधित राज्य की आबकारी नीति का पालन करना होगा. उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति के अनुसार, दिल्ली से नोएडा जाते समय केवल एक ही शराब की बोतल ले जाने की अनुमति है. वहीं हरियाणा के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए वहां जाते समय भी सतर्क रहना जरूरी है.
मुंबई मेट्रो प्रबंधन शराब की बोतल के साथ यात्रा की अनुमति देता है, लेकिन शर्त यह है कि बोतल पूरी तरह सीलबंद होनी चाहिए. हालांकि बोतलों की संख्या को लेकर कोई स्पष्ट नियम सार्वजनिक रूप से नहीं बताए गए हैं. सबसे अहम बात यह है कि मेट्रो में शराब का सेवन करना पूरी तरह गैरकानूनी है. अगर कोई व्यक्ति शराब पीते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लग सकता है और जेल की सजा भी हो सकती है.